कोटा। राजस्थान पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। झालावाड़ जिले में तैनात एक पुलिस कांस्टेबल को कोटा में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और सप्लाई के मामले में गिरफ्तार किया गया है। विज्ञान नगर थाना पुलिस ने सोमवार रात कार्रवाई करते हुए कांस्टेबल मनोज मालव को पकड़ा। उसके पास से 14 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस को उसके मोबाइल फोन में स्मैक की खरीद-फरोख्त से जुड़ी बातचीत के साक्ष्य भी मिले हैं।
झालावाड़ डीएसटी की सूचना पर कोटा पुलिस ने की कार्रवाई
विज्ञान नगर थाना अधिकारी राम लक्ष्मण गुर्जर ने बताया कि झालावाड़ की जिला विशेष टीम (डीएसटी) से सूचना मिली थी कि घाटोली थाने में पदस्थापित कांस्टेबल मनोज मालव एनडीपीएस से जुड़े मामले में कोटा में माल डिलीवर करने आया है। उसके नशे के कारोबार में शामिल होने की आशंका जताई गई थी।
सूचना मिलने के बाद विज्ञान नगर थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना क्षेत्र से ही कांस्टेबल को डिटेन कर लिया और थाने लाकर पूछताछ की। तलाशी के दौरान उसके पास से 14 लाख रुपए नकद मिले, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया। मोबाइल फोन की जांच में नशीले पदार्थों की बिक्री से संबंधित बातचीत के साक्ष्य भी मिले हैं।
पुलिस पहुंचती, उससे पहले कर चुका था स्मैक की डिलीवरी
इस मामले में एक अहम बात सामने आई है कि पुलिस के पकड़ने से पहले ही कांस्टेबल कथित तौर पर स्मैक की डिलीवरी कर चुका था और इसके बदले 14 लाख रुपए ले चुका था। झालावाड़ पुलिस को काफी समय से उसकी गतिविधियों पर संदेह था। इसके बाद उसकी निगरानी बढ़ा दी गई थी।
झालावाड़ डीएसटी प्रभारी विष्णु सिंह राजपूत ने बताया कि कांस्टेबल की संदिग्ध गतिविधियों के संबंध में पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया ने निगरानी के निर्देश दिए थे। लगातार नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान उसके कोटा जाकर स्मैक बेचने की सूचना मिली। यह जानकारी तत्काल कोटा पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस के पकड़ने तक वह कथित तौर पर माल की डिलीवरी कर चुका था।
कोटा में नशे का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
थाना अधिकारी के अनुसार, मामले में मनोज मालव और अन्य के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच महावीर नगर थाना अधिकारी हरेंद्र सिंह सौदा कर रहे हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि स्मैक की डिलीवरी किन लोगों को की गई थी और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका तो नहीं है। जांच आगे बढ़ने के साथ कोटा शहर में सक्रिय नशे के नेटवर्क और सप्लाई चेन से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
