कोटा। जिंद बाबा बावड़ी के पुजारी राधे बाबा की सर्पदंश से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वे बावड़ी परिसर स्थित अपनी कुटिया में सो रहे थे, इसी दौरान जहरीले सांप ने उन्हें काट लिया। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले में भक्तों ने अस्पताल में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। सूचना के बाद आरके पुरम थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार मृतक राधे बाबा मूल रूप से बारां के रहने वाले थे और वर्तमान में जिंद बाबा बावड़ी पर पुजारी के रूप में सेवा कर रहे थे। वे बावड़ी परिसर में बनी कुटिया में ही रहते थे। बताया गया कि रात में सोते समय उन्हें जहरीले सांप ने काट लिया।
सर्पदंश के बाद राधे बाबा की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद बावड़ी से जुड़े भक्तों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।
भक्तों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
राधे बाबा के भक्तों ने अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सर्पदंश के बाद समय पर और उचित उपचार मिलना जरूरी था। भक्तों ने मामले की जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उपचार के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।
पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद आरके पुरम थाना पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। साथ ही अस्पताल में हुए उपचार और घटना की परिस्थितियों के संबंध में भी जानकारी ली जा रही है। पुलिस जांच के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
राधे बाबा के निधन की खबर से जिंद बाबा बावड़ी आने वाले श्रद्धालुओं और उनके अनुयायियों में शोक का माहौल है।
