कोटा। शहर के जेके लोन अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अस्पताल में इस्तेमाल किए जा रहे कंपाउंड सोडियम लेक्टल इंजेक्शन के बैच नंबर P5050791 के उपयोग पर तत्काल रोक लगा दी गई है। संबंधित बैच को होल्ड कर दिया गया है और इंजेक्शन की गुणवत्ता को लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद संबंधित इंजेक्शन के बैच की पहचान कर उसके इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। अस्पताल में उपलब्ध इसी बैच के इंजेक्शन को अलग रखकर आगे की जांच के लिए सुरक्षित किया जा रहा है।
इंजेक्शन की गुणवत्ता की होगी जांच
स्वास्थ्य विभाग की ओर से संबंधित बैच के नमूनों और गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है। जांच के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि इंजेक्शन में किसी प्रकार की गुणवत्ता संबंधी समस्या तो नहीं थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और अस्पताल में दवाओं एवं इंजेक्शन की आपूर्ति तथा इस्तेमाल की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जा सकती है।
मई में प्रसूताओं की मौत के बाद फिर हलचल
जेके लोन अस्पताल में मई माह में प्रसूताओं की मौत के मामलों के बाद स्वास्थ्य महकमा पहले से ही जांच के दायरे में रहा है। अब इंजेक्शन के एक विशेष बैच के इस्तेमाल पर रोक लगाए जाने के बाद मामले ने फिर से तूल पकड़ लिया है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल संबंधित बैच को इस्तेमाल से रोक दिया गया है और उसकी गुणवत्ता की जांच जारी है।
