कोटा। कैथून थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुरा गांव स्थित एसओडी बार एंड रेस्टोरेंट में चाकूबाजी और तोड़फोड़ की वारदात के मामले में कोटा ग्रामीण पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो विधि से संघर्षरत बालकों को निरुद्ध किया है। पुलिस के अनुसार घटना में शामिल एक बालक ने निरुद्ध करने के प्रयास के दौरान जिला विशेष टीम (डीएसटी) के हेड कांस्टेबल पर चाकू से हमला कर दिया, जिसमें उन्हें हाथों पर चोटें आईं।
पुलिस अधीक्षक कोटा ग्रामीण सुजीत शंकर ने बताया कि 16 सितंबर 2026 की रात रेस्टोरेंट के कर्मचारी पर चाकू से हमला किया गया था। इसके अगले दिन 17 सितंबर की सुबह आरोपित दोबारा रेस्टोरेंट में पहुंचे और तलवार एवं डंडों से तोड़फोड़ की। मामले की गंभीरता को देखते हुए कैथून थाना, डीएसटी और साइबर टीम की विशेष टीमें गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
CCTV और तकनीकी जांच से सुराग
पुलिस टीमों ने रेस्टोरेंट और आसपास के क्षेत्र के CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में दिखाई देने वाले वाहनों की पहचान कर उनके संबंध में जानकारी जुटाई गई। इसके साथ ही पूर्व में लूट और चाकूबाजी के मामलों में चालानशुदा आरोपियों की जानकारी जुटाकर संदिग्धों से पूछताछ की गई। तकनीकी अनुसंधान, मुखबिर तंत्र और संदिग्धों की गतिविधियों की निगरानी के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
पुलिस के अनुसार 20 सितंबर को उत्तरी बायपास क्षेत्र में एक काली होंडा सिटी कार में दो वयस्क आरोपियों विकास उर्फ विक्की और दीपक उर्फ दीपू को गिरफ्तार किया गया था। इसी दौरान अन्य आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया गया।
पुलिस पर भी चाकू से हमला
पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान एक विधि से संघर्षरत बालक पुलिस हिरासत से बचने के लिए भागने लगा। डीएसटी के हेड कांस्टेबल रविकांत ने उसे रोकने और समझाने का प्रयास किया। आरोप है कि बालक ने जेब से बटनदार चाकू निकालकर हेड कांस्टेबल पर लगातार दो वार कर दिए। हमले में उनके दाएं और बाएं बाजू पर चोटें आईं।
पुलिस के अनुसार इसके बाद बालक पुलिया के पास ऊंचाई वाले स्थान से नीचे खेतों की ओर कूद गया, जिससे उसे भी चोटें आईं। उसे उपचार के लिए एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद उसे मामले में निरुद्ध किया गया।
दूसरे विधि से संघर्षरत बालक को भी पुलिस टीम ने 22 सितंबर को निरुद्ध किया। दोनों को आगे की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए संबंधित बाल संरक्षण प्रावधानों के तहत पेश किया गया।
पहले भी आपराधिक मामलों में संलिप्तता का दावा
पुलिस के अनुसार निरुद्ध किए गए एक बालक के खिलाफ पूर्व में कुन्हाड़ी थाने में हत्या के प्रयास और मारपीट समेत धाराओं में मामला दर्ज रहा है। पुलिस ने बताया कि एक पुराने मामले में चाकू से हमला करने की घटना में वह बाल संप्रेषण गृह, कोटा में भी रह चुका है। इसके अलावा रामगंजमंडी क्षेत्र में चेन स्नेचिंग और बोरखेड़ा क्षेत्र में डिलीवरी बॉय के साथ लूट की घटनाओं से जुड़े मामलों में भी उसकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
मामले में पुलिसकर्मी पर हमले को लेकर कैथून थाने में अलग से प्रकरण दर्ज कर राजकार्य में बाधा और जानलेवा हमले से संबंधित धाराओं में अनुसंधान किया जा रहा है।
कार्रवाई में कैथून थाना पुलिस, जिला विशेष टीम और साइबर टीम के अधिकारी व जवान शामिल रहे। पुलिस के अनुसार हेड कांस्टेबल रविकांत की आरोपित बालक को पकड़ने में विशेष भूमिका रही।
