नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
कोटा ग्रामीण जिले के अयाना थाना क्षेत्र के कजलिया गांव में बुजुर्ग महिला की धारदार हथियार से हत्या के मामले में करीब ढाई महीने बाद पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, महिला की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके 73 वर्षीय पति चुन्नीलाल माली ने ही की थी। घरेलू विवाद के चलते पत्नी की हत्या करने के बाद आरोपी ने दामाद और भतीजों पर संदेह जताकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि 28 जुलाई की रात कजलिया गांव में घर पर सो रहे बुजुर्ग दंपती पर धारदार हथियार से हमला होने की सूचना मिली थी। हमले में चुन्नीलाल माली और उसकी पत्नी कमलाबाई घायल हुए थे। उपचार के दौरान कमलाबाई की मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और जांच शुरू की। शुरुआती पूछताछ में जमीन विवाद को लेकर दामाद बलराम तथा भतीजों सोनू और चेतन पर संदेह जताया गया था।
दूधवाले के बयान से खुलने लगी परतें
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की। इस दौरान चुन्नीलाल की बताई कहानी और घटनास्थल से मिले तथ्यों में अंतर सामने आया। पुलिस ने सुबह घर पर दूध देने आने वाले व्यक्ति से भी पूछताछ की। उसके बयान से जांच को अहम सुराग मिला। दूधवाले के अनुसार, दरवाजा अंदर से चुन्नीलाल ने ही खोला था। वहीं, घर में दरवाजा टूटने या छत के रास्ते किसी के प्रवेश करने के संकेत नहीं मिले।
खुद को बचाने के लिए सिर पर भी किए चोट के निशान
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद संदेह से बचने के लिए चुन्नीलाल ने अपने सिर पर भी चोट के निशान बना लिए थे। जांच में जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के दौरान तथ्यों में विरोधाभास सामने आने पर पुलिस ने उससे गहन पूछताछ की। इसके बाद आरोपी ने अपनी पत्नी की हत्या करना स्वीकार किया।
पुलिस के मुताबिक, घरेलू विवाद के बाद चुन्नीलाल ने पत्नी के सोने का इंतजार किया और फिर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने हत्या का संदेह दामाद और भतीजों पर जताया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
