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डांडिया और गरबा भारतीय संस्कृति की पहचान : ओम बिरला

हैहय क्षत्रिय कलाल संस्थान के दो दिवसीय महोत्सव में दिखी विभिन्न प्रदेशों की सांस्कृतिक झलक, पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों ने दी रंगारंग प्रस्तुतियां

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डांडिया और गरबा भारतीय संस्कृति की पहचान : ओम बिरला
डांडिया और गरबा भारतीय संस्कृति की पहचान : ओम बिरला
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कोटा | नागरिक अभिव्यक्ति। हैहय क्षत्रिय कलाल संस्थान (सभा) की ओर से कोटा में आयोजित दो दिवसीय डांडिया महोत्सव में भारतीय संस्कृति और परंपराओं के रंग देखने को मिले। एयरपोर्ट के सामने स्थित कलाल सामुदायिक भवन में आयोजित महोत्सव में युवाओं, परिवारों और युगल प्रतिभागियों ने पारंपरिक परिवेश में डांडिया एवं गरबा की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का उत्साह बढ़ाया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, उपमहापौर विवेक राजवंशी, कोटा शहर भाजपा अध्यक्ष राकेश जैन, कोटा उपभोक्ता भंडार के उपाध्यक्ष नरेंद्र बिरला, पूर्व नेता प्रतिपक्ष लव शर्मा और भाजपा नेता जगदीश जिंदल सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

गरबा और डांडिया से संस्कृति को मिलती है पहचान

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि गरबा और डांडिया भारतीय संस्कृति की पहचान हैं। इन आयोजनों में एक ओर मां दुर्गा की आराधना और गुणगान होता है, वहीं दूसरी ओर शक्ति स्वरूपा माता रानी की स्तुति लोगों में आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

उन्होंने कहा कि देशभर में गरबा की बढ़ती लोकप्रियता हमारी परंपराओं को आगे बढ़ा रही है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन भारतीय विरासत को सहेजने के साथ समाज में उत्साह, एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत करते हैं। बिरला ने आयोजन के लिए संस्थान को शुभकामनाएं दीं और मां दुर्गा से सभी के जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की।

रंगारंग प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं ने बढ़ाया उत्साह

महोत्सव के दौरान प्रतिभागियों ने डांडिया और गरबा की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल युवाओं, परिवारों और युगल प्रतिभागियों ने आयोजन को विशेष रंग दिया। कार्यक्रम में विभिन्न प्रदेशों की संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिली।

महोत्सव के अंतर्गत बेस्ट युगल, बेस्ट चाइल्ड, बेस्ट ड्रेस और बेस्ट डांस जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। बच्चों के लिए प्ले जोन की व्यवस्था भी की गई, जिससे परिवारों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

संस्थान के पदाधिकारी और समाजजन रहे मौजूद

इस अवसर पर संस्थान अध्यक्ष विकास मेवाड़ा, संरक्षक उमेश मेवाड़ा, मोहन सुवालका, उपाध्यक्ष अनिल वर्मा, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश पारेता, उपमंत्री मनोज वर्मा, निदेशक धनपाल माहुर, विशाल वर्मा, भाजपा महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष जैस्मिन मेवाड़ा, युवा मोर्चा जिला संयोजक विशाल पारेता, कलाल महिला मंडल अध्यक्ष मीना सुवालका, डांडिया संयोजक अक्षय मालवीय, निदेशक शांति सुवालका, पवन कलवार, शिवराज ग्वालेरा, शंकर मालवीय, उमेश मेवाड़ा और राकेश सुवालका सहित अनेक समाजजन मौजूद रहे।

डांडिया महोत्सव ने धार्मिक आस्था, पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक एकजुटता का संदेश दिया।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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