नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
कोटा। विश्वास, पारस्परिक सहयोग और आर्थिक आत्मनिर्भरता के आधार पर 106 वर्षों से सहकारिता की मिसाल बनी कोटा कर्मचारी सहकारी समिति लिमिटेड संख्या 108 आर की 106वीं वार्षिक साधारण सभा 11 अक्टूबर को सुबह 11 बजे यूआईटी ऑडिटोरियम, रंगबाड़ी रोड, बालाजी नगर में होगी। इस अवसर पर 251 नियमित वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान भी किया जाएगा। समिति के सचिव विमलचंद जैन ने बताया कि समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि और राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री गौतम दक अध्यक्षता करेंगे। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, लाडपुरा विधायक कल्पना देवी, महापौर अनुसुईया गोस्वामी सहित कई अतिथि मौजूद रहेंगे।
समिति के सहकार नेता एवं नागरिक सहकारी बैंक अध्यक्ष राजेशकृष्ण बिरला ने बताया कि पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय श्रीकृष्ण बिरला ने वर्ष 1960 से 2020 तक संचालक मंडल सदस्य, सचिव और अध्यक्ष के रूप में समिति के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल में समिति भवन, बचत एवं स्थायी जमा खातों जैसी सुविधाएं और कंप्यूटरीकरण शुरू हुआ। 330 सदस्यों से शुरू हुआ सफर अब 5195 सदस्यों के परिवार तक पहुंच चुका है।
समिति की अध्यक्ष डॉ. मीनू बिरला ने बताया कि मार्च 2026 तक समिति की कार्यशील पूंजी 227.74 करोड़, कोष 10.12 करोड़, जमा हिस्सा 7.67 करोड़ और अमानतें 183.69 करोड़ रुपए हैं। वर्ष 2025-26 में 24.15 करोड़ रुपए के ऋण वितरित किए गए, जबकि बकाया ऋण 55.70 करोड़ रुपए रहा। समिति को वर्ष में 1.64 करोड़ रुपए से अधिक का शुद्ध लाभ हुआ है।
आमसभा में पिछले अधिवेशन की कार्यवाही की पुष्टि, वार्षिक प्रतिवेदन, वर्ष 2025-26 के लेखे, वर्ष 2026-27 के बजट, अंकेक्षक की नियुक्ति और लाभ वितरण सहित विभिन्न प्रस्तावों पर विचार होगा। निदेशक मंडल ने सदस्यों को भाग हिस्से पर 10 प्रतिशत लाभांश देने का प्रस्ताव रखा है। समय पर ऋण चुकाने वाले सदस्यों को प्रोत्साहन राशि देने पर भी निर्णय होगा।
समिति ने भविष्य में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया है। अध्यक्ष डॉ. मीनू बिरला ने सेवारत सदस्यों से अपने विभाग के अन्य कर्मचारियों को समिति से जोड़ने का आह्वान किया है। समिति का उद्देश्य सदस्यों को कम ब्याज पर ऋण, उच्च शिक्षा के लिए व्यक्तिगत ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के साथ बचत, पारस्परिक सहयोग और मितव्ययिता की भावना को बढ़ावा देना है।
