कोटा। करवा चौथ पर्व को लेकर कोटा शहर में महिलाओं के बीच उत्साह नजर आ रहा है। पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ महिलाएं व्रत रख रही हैं। पर्व की रौनक बाजारों से लेकर ब्यूटी पार्लरों तक दिखाई दे रही है। महिलाएं पारंपरिक परिधानों, मेकअप, मेहंदी और सोलह श्रृंगार के जरिए इस दिन को खास बनाने में जुटी हैं।
करवा चौथ के अवसर पर शहर के ब्यूटी पार्लरों में महिलाओं की भीड़ देखने को मिल रही है। महिलाएं अपनी पसंद के अनुसार मेकअप, हेयर स्टाइल और पारंपरिक लुक तैयार करवा रही हैं। साड़ी और लहंगे जैसे पारंपरिक परिधानों के साथ आभूषण पहनकर महिलाएं पर्व की तैयारियों को अंतिम रूप दे रही हैं। त्योहार के चलते सौंदर्य सेवाओं की मांग भी बढ़ी हुई है।
सोलह श्रृंगार से निखरा पारंपरिक अंदाज
करवा चौथ पर सोलह श्रृंगार का विशेष महत्व माना जाता है। हाथों में मेहंदी, माथे पर बिंदी, मांग में सिंदूर, चूड़ियां और पारंपरिक आभूषण महिलाओं के श्रृंगार का हिस्सा हैं। इस बार भी महिलाएं पारंपरिक पहनावे के साथ आधुनिक फैशन का मेल करते हुए अपने लुक को खास बना रही हैं। परिवारों में भी पर्व को लेकर उत्साह का माहौल है।
सरगी से शुरू हुआ व्रत, शाम को होगी पूजा
करवा चौथ की परंपरा के अनुसार, महिलाएं सुबह सरगी ग्रहण करने के बाद दिनभर व्रत रखती हैं। इसके बाद शाम को करवा माता की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की खुशहाली की कामना की जाती है।
पूजा के बाद महिलाओं को चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने का इंतजार रहता है। परंपरा के अनुसार, चंद्र दर्शन और पूजा के बाद महिलाएं अपने पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोलती हैं।
आस्था और परंपरा से जुड़ा पर्व
करवा चौथ उपवास के साथ भारतीय संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ा पर्व भी है। बदलते समय के साथ इसे मनाने के तरीकों में बदलाव आया है, लेकिन महिलाओं के बीच इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता बनी हुई है। कोटा में ब्यूटी पार्लरों की चहल-पहल, पारंपरिक परिधानों की तैयारी और पूजा की तैयारियां पर्व के उत्साह को दर्शा रही हैं। अब महिलाओं को शाम की पूजा और चंद्र दर्शन का इंतजार है।
