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बेलगाम बिजली कंपनी...!

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की चेतावनी और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की फटकार भी बेअसर; जब-जब जांच-निरीक्षण हुआ, तब-तब मिलीं खामियां; लेकिन केईडीएल का रवैया नहीं बदला, आखिर आमजन को कब मिलेगी राहत?

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समकित जैन @ कोटा

नागरिक अभिव्यक्ति । निजी बिजली कंपनी 'कोटा इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड' (केईडीएल) की हठधर्मिता और मनमानी से कोटा की जनता खुद को ठगा सा महसूस कर रही है। बिजली कंपनी जवाबदेह होने के बजाए लगातार बेलगाम नजर आ रही है। इस पर न तो लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की कड़ी चेतावनी का असर दिख रहा है और न ही प्रदेश के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की सख्त फटकार का। शासन और प्रशासन में बैठे जिम्मेदार लोग बार-बार कंपनी के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं, जांच कमेटियां बन रही हैं और नोटिस जारी हो रहे हैं; लेकिन आमजन को कोई अपेक्षित बदलाव नजर नहीं आ रहा।

हाल ही में 3 अक्टूबर को ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर कोटा के जीएसएस के औचक निरीक्षण में बदहाली देखकर भड़क गए। कहा कंपनी एग्रीमेंट के मुताबिक काम नहीं कर रही। मेंटेनेंस के नाम पर 4-5 घंटे बिजली गुल रखी जाती है, लेकिन धरातल पर मेंटेनेंस गायब है। सिर्फ मुनाफा बटोरने में लगी है। मंत्री नागर ने यहां तक कह दिया मैं ऊर्जा मंत्री हूं, मुझे यह हाल देखकर शर्म आती है... इसके बाद उन्होंने एग्रीमेंट टर्मिनेट (निरस्त) करने की चेतावनी दी।

बड़ा सवाल यह है कि यह बदहाली रातों-रात तो पैदा नहीं हुई होगी? साफ है कि कंपनी प्रबंधन द्वारा पिछली चेतावनियाें को गंभीरता से नहीं लिया। कांग्रेस हो या भाजपा, दोनों सरकारों के कार्यकाल में आमजन का गुस्सा और जनप्रतिनिधियों की शिकायतें सामने आती रहीं हैं, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी। नतीजा यह है कि कोटा की जनता आज भी अघोषित कटौती और भारी-भरकम बिलों के बीच पिसने को मजबूर है।

6 वर्षों से फटकार, चेतावनी और जांच ही जांच; लेकिन नहीं सुधरे हालात

2020 (यूडीएच मंत्री धारीवाल) : निगम से FIR दर्ज करवाई थी

तत्कालीन यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के अनुदेश और नगर-निगम की शिकायत पर 2020 में केईडीएल के अधिकारियों के खिलाफ किशोरपुरा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। मार्च 2021 में इसी मामले में विधानसभा में धारीवाल ने बताया था कि कुछ अभियुक्तगण के खिलाफ प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित है, बाकी जांच जारी है। कंपनी उस वक्त कोर्ट गई और स्टे लिया था। सीआई चेतन शर्मा ने बताया कि उक्त मामले में बाद में एफआर लगा दी गई थी।

2023 (विधायक संदीप शर्मा)

आंदोलन की दी चेतावनी

कोटा दक्षिण से बीजेपी विधायक संदीप शर्मा की अगुवाई में स्थानीय लोगों ने वर्ष 2023 में गुमानपुरा स्थित केईडीएल ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। व्यवस्था सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। शर्मा ने तब कहा था कि 40 साल से कच्ची बस्तियों बसी हुई है। इन बस्तियों में हजारों लोग रह रहे है। लेकिन वहां के लोगो को अभी तक आधारभूत सुविधाएं नहीं मिली है।

2024 (सांसद ओम बिरला) : पूरा ध्यान पैसे वसूलने पर

18वीं लोकसभा चुनाव जीतने के कुछ दिन बाद निवर्तमान लोकसभा अध्यक्ष एवं सांसद ओम बिरला ने 14 जून 2024 को अफसरों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा था कि वे राज्य सरकार के साथ हुए एग्रीमेंट के अनुरूप कार्य करते हुए जनता को राहत दें। शहर के विद्युत तंत्र को सुधारने का काम बंद कर दिया और उसका पूरा ध्यान आमजन से पैसे वसूलने पर है। अब ऐसा नहीं चलेगा कि लोग घंटों तक अंधेरे में बैठे रहें।

2024 (ऊर्जा मंत्री नागर)

एमओयू निरस्त करने की चेतावनी

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने फटकारा था। कहा कि प्रसारण निगम पर्याप्त मात्रा में बिजली दे रहा है, फिर भी वितरण ठीक ढंग से नहीं हो रहा। बार-बार ट्रिपिंग से आमजन परेशान हैं। आपका सिर्फ रेवेन्यू पर ध्यान है। मंत्री नागर ने कहा कि या तो विद्युत व्यवस्थाएं ठीक करें, नहीं तो एमओयू को निरस्त करने के संबंध में कार्रवाई की जाएगी। तब मनमानी बिजली कटौती से परेशान बीजेपी के ही पार्षदों ने शिकायत की थी।

2026 (स्पीकर ओम बिरला)

कंपनी बंद करने के कगार पर

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 13 अप्रैल 2026 को केईडीएल को लेकर कहा कि बिजली कंपनी लूट मचाना बंद करें, नहीं तो कंपनी बंद करने की कगार पहुंच जाएगी। केईडीएल वालों की लूट जरूर बंद करनी पड़ेगी। मैंने कहा है कि लूट बंद कर दो, नहीं तो केईडीएल कंपनी बंद हो जाएगी। मैं इतना कड़ा जब बोलता हूं, जब गरीब के जेब में अवैध रूप से डाका डाला जाता है। मैं गरीब के दर्द को देखता हूं।

2026 (मंत्री नागर)

2 महीने का अल्टीमेटम दिया...

मंत्री नागर ने अधिकारियों को घर पर मई 2026 में तलब कर कहा कि अगले 2 माह में हालात नहीं सुधरे तो सरकार को सख्त कदम उठाने पड़ेंगे। मंत्री ने फॉल्ट रिपेयर टीम में कर्मचारियों और संसाधनों की भारी कमी, अंडरग्राउंड बिजली लाइन परियोजना, सतर्कता जांच रिपोर्ट और कथित सेटलमेंट मामलों को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

2026 जनसुनवाई

जांच समिति को सौंपी शिकायतें

मई 2026 में राजस्थान ऊर्जा विकास एवं आईटी लिमिटेड के निदेशक डीके जैन की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति ने नयापुरा पावर हाउस में विशेष जनसुनवाई की। भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन और लाडपुरा पंचायत सदस्य कुलदीप नागर ने कई शिकायतें सामने रखी। समिति ने सबूतों को जांचने और सरकार को सौंपने का आश्वासन दिया था।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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