नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा
विज्ञान के नए प्रयोग, तकनीक से जुड़ी कल्पनाएं और समस्याओं के समाधान तलाशने वाले कोटा के स्कूली विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलने जा रहा है। मोशन एजुकेशन के स्कूलिम्पियाड प्रोग्राम के तहत कोटा साइंस एंड टेक्नोलॉजी मॉडल चैलेंज ‘खोज-2026’ आयोजित किया जाएगा। इसमें कक्षा 5 से 9 तक के विद्यार्थी विज्ञान और तकनीक से जुड़े अपने विचारों को मॉडल के रूप में प्रस्तुत कर सकेंगे। प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले 13 दिसंबर को मोशन के द्रोणा-2 कैंपस में होगा।
प्रतियोगिता के पोस्टर का विमोचन सोमवार शाम को मोशन एजुकेशन के संस्थापक एवं एजुकेटर नितिन विजय ने द्रोणा-2 कैंपस में किया। इस दौरान संस्थान की वरिष्ठ फैकल्टी मौजूद रही। मोशन एजुकेशन की डायरेक्टर डॉ. स्वाति विजय ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना है। विद्यार्थी व्यक्तिगत रूप से या टीम बनाकर इसमें भाग ले सकेंगे। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं। आवेदन और मॉडल कॉन्सेप्ट जमा कराने की अंतिम तिथि 15 नवंबर है।
दो श्रेणियों में मिलेगा मौका
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को कक्षा के आधार पर दो श्रेणियों में रखा गया है। कक्षा 5 से 7 तक के विद्यार्थी ‘यंग एक्सप्लोरर्स’ और कक्षा 8 से 9 तक के विद्यार्थी ‘इनोवेटर्स’ श्रेणी में भाग ले सकेंगे। व्यक्तिगत प्रतिभागियों के लिए ‘एटम’ और अधिकतम चार सदस्यों की टीम के लिए ‘मॉलिक्यूल’ श्रेणी निर्धारित की गई है। इस व्यवस्था से विद्यार्थी अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप विज्ञान एवं तकनीक से जुड़े विचार प्रस्तुत कर सकेंगे।
21 हजार रुपए तक के पुरस्कार
प्रतियोगिता में प्रत्येक आयु वर्ग में प्रथम पुरस्कार 21 हजार रुपए और द्वितीय पुरस्कार 11 हजार रुपए रखा गया है। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ‘बेस्ट इनोवेशन’, ‘बेस्ट कम्युनिकेटर’ और ‘पीपुल्स चॉइस’ जैसे विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे। सभी प्रतिभागियों को मेडल और प्रमाण-पत्र भी मिलेंगे।
आइडिया चयन के बाद मॉडल प्रस्तुति
प्रतिभागियों को ऑनलाइन पंजीकरण के बाद अपने वैज्ञानिक या तकनीकी विचार का कॉन्सेप्ट डॉक्यूमेंट तैयार कर 15 नवंबर तक जमा करना होगा। चयनित प्रतिभागियों की घोषणा 22 नवंबर को मोशन ओलंपियाड के यूट्यूब चैनल पर लाइव की जाएगी। इसके बाद चयनित विद्यार्थियों को 13 दिसंबर को ग्रैंड फिनाले में अपने मॉडल प्रस्तुत करने होंगे।
प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों को केवल अपने विचार प्रदर्शित करने का ही नहीं, बल्कि प्रयोगों के माध्यम से सीखने, समस्याओं के व्यावहारिक समाधान तलाशने और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का अवसर भी मिलेगा। इससे उनमें वैज्ञानिक जिज्ञासा, रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास विकसित करने पर जोर रहेगा।
