कोटा | नागरिक अभिव्यक्ति। कोटा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान मंगलवार, 20 अक्टूबर की शाम कोटड़ी नहर में बड़ा हादसा हो गया। नाग-नागिन मंदिर के पास विसर्जन के दौरान सात लोगों से भरी नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह नहर में पलट गई। हादसे में तीन लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि चार युवक तेज बहाव में लापता हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बचाव अभियान शुरू किया गया।
नहर में युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही SDRF, नगर निगम की गोताखोर टीम और सिविल डिफेंस के जवान मौके पर पहुंचे। लापता युवकों की तलाश के लिए संयुक्त अभियान चलाया गया। SDRF के करीब 15 से 17 जवानों सहित अन्य बचावकर्मी नहर में तलाश कर रहे हैं।
रेस्क्यू अभियान में मदद के लिए नहर में पानी का प्रवाह भी बंद करवाया गया, ताकि लापता युवकों को तलाशने में सुविधा मिल सके। बचाव दल नहर के अलग-अलग हिस्सों में खोजबीन कर रहे हैं।
कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे
हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर पीयूष समारिया और कोटा शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए बचाव कार्यों की निगरानी की।
शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने जिला प्रशासन को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी घटनास्थल पहुंचे और अधिकारियों से बचाव अभियान की जानकारी लेकर तलाश तेज करने के निर्देश दिए।
प्रतिबंधित क्षेत्र में विसर्जन की बात आई सामने
मंत्री मदन दिलावर के अनुसार, जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां प्रतिमा विसर्जन की अनुमति नहीं थी। उन्होंने बताया कि सात लोग एक छोटी नाव में सवार होकर विसर्जन के लिए नहर में गए थे। नाव पलटने के बाद तीन लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि चार लापता हो गए।
लापता युवकों की तलाश जारी
प्रशासन और बचाव दल नहर में लापता चारों युवकों की तलाश में जुटे हैं। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 21 अक्टूबर की सुबह तक चारों युवकों का पता लगाने के लिए सर्च ऑपरेशन जारी था।
प्रशासन की ओर से बचाव अभियान पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। लापता युवकों की स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
