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भूमि विकास बैंक का 2 करोड़ रुपये ऋण वितरण का लक्ष्य, अवधिपार ऋणियों की माफी का प्रस्ताव

जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में ऋण वितरण, वसूली और बैंक की हिस्सा राशि बढ़ाने पर चर्चा

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विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
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भूमि विकास बैंक का 2 करोड़ रुपये ऋण वितरण का लक्ष्य, अवधिपार ऋणियों की माफी का प्रस्ताव
भूमि विकास बैंक का 2 करोड़ रुपये ऋण वितरण का लक्ष्य, अवधिपार ऋणियों की माफी का प्रस्ताव
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नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा

भूमि विकास बैंक लिमिटेड की जिला स्तरीय अनुपवर्तन एवं समीक्षा समिति की बैठक शनिवार को बैंक के प्रधान कार्यालय में अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2024-25 और 2025-26 की प्रगति की समीक्षा के साथ ऋण वितरण बढ़ाने, बकाया वसूली और बैंक की हिस्सा राशि में वृद्धि करने पर चर्चा हुई। वर्ष 2026-27 के लिए बैंक को 2 करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य मिला है।

बैठक में उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां कोटा राजेश कुमार मीना, नाबार्ड के जिला प्रबंधक आरपी शर्मा, राज्य बैंक जयपुर के प्रबंधक यशपाल सिंह और बैंक सचिव ऋतु सपरा मौजूद रहे। राजेश कुमार मीना ने बैंक की हिस्सा राशि बढ़ाने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए। सचिव ने बताया कि वर्ष 2025-26 में 422 अवधिपार ऋण खातों का पूर्ण भुगतान होने के बाद उनकी जमा हिस्सा राशि ऋण के विरुद्ध समायोजित की गई, जिससे बैंक की हिस्सा राशि में कमी आई। चालू वित्त वर्ष में ऋण वितरण बढ़ने से इसमें वृद्धि की उम्मीद है।

बैठक में मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 के तहत करीब 41 प्रतिशत वसूली होने की जानकारी दी गई। बैंक अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने कहा कि शेष बकाया मामलों में कई ऋण 15 से 20 वर्ष से भी पुराने हैं। उन्होंने मृतक, लघु एवं सीमांत, स्वरोजगार और महिला विकास ऋणियों के ऐसे मामलों में, जिनमें आर्थिक स्थिति के कारण भुगतान संभव नहीं हो पाया, बकाया माफ करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही प्राथमिक बैंकों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए राहत का भार राज्य सरकार से वहन कराने की मांग की गई।

बैठक में इस प्रस्ताव को राज्य सरकार, सहकारिता विभाग और राज्य बैंक को भेजने का निर्णय लिया गया। नाबार्ड के जिला प्रबंधक आरपी शर्मा ने गुणवत्तापूर्ण और विविध प्रकार के ऋण वितरण पर जोर दिया। बैंक और राज्य बैंक के बीच असंतुलन की राशि के लिए पैकेज तथा बैंक की आय बढ़ाने वाली गतिविधियों के विस्तार की मांग राज्य सरकार से करने पर भी चर्चा हुई।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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