कोटा। विद्यार्थियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने कोटा के लैंडमार्क कोचिंग एरिया में हॉस्टलों की मैस, फूड आउटलेट्स और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान कई जगह स्वच्छता संबंधी कमियां सामने आईं। टीम ने विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 30 नमूने लिए, जिन्हें जांच के लिए खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कोटा भेजा जा रहा है।
यह कार्रवाई प्रमुख स्वास्थ्य सचिव श्रीमती गायत्री राठौर के निर्देशन में तथा आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रक राजस्थान अवीचल चतुर्वेदी के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। अभियान कोटा कलेक्टर पीयूष समारिया के सानिध्य और सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।
लैंडमार्क क्षेत्र में इन जगहों का निरीक्षण
खाद्य सुरक्षा दल ने लैंडमार्क स्थित एलन संज्ञान कोचिंग के आसपास संचालित नवदुर्गा हॉस्टल, सिल्वर क्लाउड इन, एसआर रेजिडेंसी, कृष्ण फूड कॉर्नर, ट्रैफिक जेम टी स्टॉल, भुक्कड़ फूड फास्ट और लजीजो कैफे समेत अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
नवदुर्गा मैस में मिली गंदगी, 35 किलो सड़ी सब्जियां नष्ट
निरीक्षण के दौरान नवदुर्गा मैस में हाइजीन और सैनिटेशन की स्थिति खराब मिली। खाद्य सामग्री के स्टोर में गंदगी के साथ चूहों की मिंगनी पाई गई। खाद्य लाइसेंस प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित नहीं था और कचरा पात्र भी बिना ढके रखे मिले। परिसर में ओपन ड्रेनेज सिस्टम भी पाया गया।
टीम को मैस में प्याज, टमाटर और लौकी समेत कई सब्जियां सड़ी-गली अवस्था में मिलीं। मौके पर करीब 35 किलो खराब सब्जियों को नष्ट कराया गया।
निरीक्षण के दौरान पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट और फूड हैंडलर्स के मेडिकल सर्टिफिकेट भी उपलब्ध नहीं पाए गए।
खाद्य सुरक्षा दल ने करीब तीन घंटे तक मौके पर रहकर सफाई व्यवस्था में सुधार करवाया। सफाई के बाद फ्रीज, स्टोर और किचन की स्थिति ठीक होने पर खाना बनाने की अनुमति दी गई।
सिल्वर क्लाउड इन की मैस में भी मिलीं कमियां
सिल्वर क्लाउड इन की मैस के निरीक्षण में भी स्वच्छता संबंधी कमियां सामने आईं। यहां कचरा पात्र बिना ढके मिले और ओपन ड्रेनेज सिस्टम के साथ सैनिटेशन की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई।
खाद्य अनुज्ञा पत्र भी प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित नहीं था। निरीक्षण के दौरान फूड हैंडलर्स द्वारा हेयर कैप और ग्लव्स का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था।
15 दिन में सुधार के निर्देश
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, निरीक्षण में मिली परिस्थितियों को देखते हुए हॉस्टल मालिक और मैस संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत इंप्रूवमेंट नोटिस दिए जा रहे हैं।
नोटिस के माध्यम से निर्धारित कमियों में सुधार कर इसकी पालना सुनिश्चित करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। संतोषजनक जवाब और सुधार नहीं मिलने की स्थिति में मैस संचालक एवं हॉस्टल मालिक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दही, मसालों और दालों के नमूने लिए
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा दल ने दही, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर और विभिन्न दालों समेत खाद्य पदार्थों के कुल 30 नमूने लिए। इन नमूनों को जांच के लिए खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कोटा भेजा जा रहा है।
प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पांच स्कूलों का भी निरीक्षण
इसी अभियान के तहत ईट राइट स्कूल कैंपेन के अंतर्गत शहर के पांच स्कूलों का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को गुड फूड और बैड फूड के बारे में जानकारी दी गई तथा स्वस्थ और सुरक्षित खान-पान के प्रति जागरूक किया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को शुद्ध एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
निरीक्षण दल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप अग्रवाल, अरुण सक्सेना, चंद्रवीर सिंह जादोंन, भूपेंद्र नागर, ज्ञान मीणा, दिव्या संत, मनीषा रावत, मनीष पाटीदार, विनोद कुमार, अम्बरीश कुमार, दीपक यादव, खुशी सिंह और श्योपाल जितरवाल शामिल रहे।
