कोटा। कोटा में आज महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष राज्य स्तरीय 'महिला सुरक्षा संकल्प संवाद सत्र' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में लोकसभा अध्यक्ष ने महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा को समाज के विकास का मुख्य आधार बताया।
समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि आज भारत में महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रसर हैं और देश का नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने 1857 की पहली आज़ादी की लड़ाई में रानी लक्ष्मीबाई के अदम्य साहस और योगदान को याद करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में महिलाओं की अग्रणी भूमिका का इतिहास रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि हमें अपनी संस्कृति, संस्कारों और नैतिक मूल्यों को सहेजते हुए बदलाव के पथ पर आगे बढ़ना है।
लोकसभा अध्यक्ष ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के 80 वर्ष बाद भी यदि हमें महिला सुरक्षा पर बात करनी पड़ रही है, तो यह संपूर्ण समाज के लिए विचारणीय विषय है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व भी हमें यही संदेश देता है कि अपनी बहनों और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना संपूर्ण समाज और विशेष रूप से भाइयों का नैतिक उत्तरदायित्व है। एक ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करना होगा जहाँ हमारी बहन-बेटियाँ पूरी आज़ादी और निडरता के साथ आगे बढ़ सकें।
पुलिस प्रशासन के साथ-साथ आम महिलाओं की सहभागिता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जब महिलाएँ स्वयं जागरूक होंगी और कानून व्यवस्था का हिस्सा बनेंगी, तो समाज और अधिक संवेदनशील व सशक्त बनेगा। अपराधियों के लिए सख्त संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि अपराध करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे, यह हमारा दृढ़ संकल्प है।
शैक्षणिक नगरी के रूप में कोटा की विशिष्ट पहचान का उल्लेख करते हुए श्री बिरला ने कहा कि यहाँ केवल शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और आत्मीय पारिवारिक वातावरण का निर्माण करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बेटियों के उत्थान के लिए कई महत्त्वपूर्ण घोषणाएँ भी कीं। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर बेटियों के अध्ययन के लिए डिजिटल लाइब्रेरी खोली जाएगी, स्कूलों में छात्राओं को आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) का प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचायतों में 15 दिवसीय ओलंपिक खेल शिविर आयोजित किए जाएंगे।
अपने संबोधन के अंत में लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत निर्णायक है। नशामुक्त समाज के निर्माण से लेकर आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने तक, महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
कोटा पुलिस और प्रशासन द्वारा आयोजित इस संवाद सत्र में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, महिला प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।
