नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
विश्व हिंदू परिषद की मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी की ओर से 15 अक्टूबर को विहिप कार्यालय में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय मातृशक्ति संयोजिका सरोज दीदी मुख्य वक्ता रहीं, जबकि महामंडलेश्वर साध्वी हेमा जी सरस्वती का संत सान्निध्य प्राप्त हुआ। विहिप कोटा महानगर अध्यक्ष श्रीनाथ जी मित्तल और महानगर मंत्री आशीष शर्मा भी उपस्थित रहे।
सरोज दीदी ने अपने संबोधन में मातृशक्ति और दुर्गावाहिनी की भूमिका, आत्मरक्षा के महत्व तथा सामाजिक जागरूकता पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं के पास शस्त्र और शास्त्र दोनों होते थे। इसी तरह जीवन में ज्ञान, संस्कार और आत्मरक्षा की समझ जरूरी है। मातृशक्ति को शास्त्रों के ज्ञान के साथ आत्मरक्षा के प्रति भी जागरूक रहना चाहिए।
महामंडलेश्वर साध्वी हेमा जी सरस्वती ने बहनों को संस्कार मजबूत बनाने, जागरूक रहने और सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग रहकर कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने और कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन योगेश जी बत्रा ने किया। महानगर मातृशक्ति संयोजिका रानी पारीक ने साध्वी हेमा जी सरस्वती का साफा और दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। वहीं, महानगर दुर्गावाहिनी संयोजिका हितिशा ने सरोज दीदी का स्वागत किया। इस अवसर पर सावित्री पाठक, अनीता परिहार, पुष्पा सोनी सहित मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी की अनेक सदस्य उपस्थित रहीं।
