नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
कोटा। राष्ट्रीय दशहरा मेले की तैयारियों को लेकर संभागीय आयुक्त कार्यालय में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में आवारा कुत्तों का मुद्दा भी चर्चा में आ गया। डिप्टी मेयर विवेक राजवंशी ने शहर में स्ट्रीट डॉग के काटने की घटनाओं का उल्लेख करते हुए इनके नियंत्रण के लिए कदम उठाने की जरूरत बताई। इस पर महापौर अनुसुईया गोस्वामी की हल्के-फुल्के अंदाज में की गई टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई।
बैठक में मेले के दौरान काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर बातचीत चल रही थी। इसी दौरान डिप्टी मेयर ने कहा कि शहर में लोगों को कुत्तों के काटने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है और इस दिशा में भी ध्यान देने की जरूरत है। उनके पास बैठे कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने भी इस मुद्दे पर बात आगे बढ़ाई।
इस पर महापौर अनुसुईया गोस्वामी ने मुस्कुराते हुए कहा कि आजकल इंसान ही एक-दूसरे को ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे हैं, ऐसे में बेजुबान कुत्तों की क्या औकात है। उनकी इस टिप्पणी पर बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच हंसी का माहौल बन गया। कलेक्टर पीयूष समारिया, सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम और नगर निगम आयुक्त ओपी मेहरा भी बैठक में मौजूद थे। बातचीत का यह प्रसंग सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है।
हालांकि, बैठक में हल्के अंदाज में उठा यह मुद्दा शहर की एक गंभीर समस्या की ओर भी ध्यान खींचता है। स्थानीय स्तर पर आवारा कुत्तों के हमलों की शिकायतें स्कूलों, कॉलोनियों, सड़कों और सरकारी परिसरों तक से सामने आती रही हैं। सुबह की सैर पर निकलने वाले लोगों और पैदल चलने वालों में भी चिंता रहती है। ऐसे में जरूरी है कि नगर निगम और संबंधित विभाग शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई, कुत्तों की आबादी के मानवीय प्रबंधन और नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करें।
