नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा
कोटा। एमबीएस अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था को लेकर विवाद के बाद मारपीट का मामला सामने आया है। नो-पार्किंग जोन से गाड़ी हटाने और 50 रुपए का जुर्माना देने के लिए कहने पर कुछ युवकों ने कथित तौर पर पार्किंग कर्मी के साथ गाली-गलौज की। आरोप है कि इसके बाद 10 से 15 साथियों को बुलाकर लाठी-सरियों से हमला कर दिया। हमले में पार्किंग कर्मी भगत का एक हाथ फ्रैक्चर हो गया, जबकि सिर, गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोटें आई हैं। पीड़ित और पार्किंग स्टाफ ने मामले की शिकायत थाने में दी है।
पार्किंग स्टैंड संचालक मोहम्मद यूनुस के पार्टनर भगत ने बताया कि एमबीएस अस्पताल के मुख्य गेट के पास नो-पार्किंग क्षेत्र में गाड़ियां खड़ी थीं। पार्किंग व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसी गाड़ियों को वहां से हटाकर पार्किंग परिसर में लाया गया था। इसी बात को लेकर गाड़ी मालिकों और पार्किंग कर्मियों के बीच विवाद शुरू हो गया।
जुर्माने की रसीद को लेकर बहस
भगत के अनुसार, नो-पार्किंग क्षेत्र से गाड़ी हटाने पर 50 रुपए का जुर्माना लेने की व्यवस्था है। जब संबंधित गाड़ी मालिक से जुर्माने की रसीद कटवाने को कहा गया, तो युवकों ने पैसे देने से इनकार कर दिया और बहस करने लगे। युवकों ने सवाल किया कि जब उनकी गाड़ी हटाई जा रही है, तो दूसरी गाड़ियां वहां क्यों खड़ी हैं। इस पर पार्किंग कर्मियों ने बताया कि वे अस्पताल स्टाफ की गाड़ियां हैं। अस्पताल के कर्मचारी मरीजों की सेवा में 12 से 14 घंटे तक लगातार ड्यूटी करते हैं।
पीड़ित का आरोप है कि इस बात पर युवक नाराज हो गए और गाली-गलौज करने लगे। विवाद बढ़ने के कुछ देर बाद वे अपने 10 से 15 साथियों को मौके पर बुला लाए।
लाठी-सरियों से हमला, हाथ फ्रैक्चर
भगत ने आरोप लगाया कि मौके पर पहुंचे युवकों ने लाठी-सरियों से उन पर हमला कर दिया। मारपीट में उनका एक हाथ फ्रैक्चर हो गया। सिर, गर्दन और दूसरे हाथ पर भी चोटें आई हैं। पीड़ित के मुताबिक, हमलावरों ने उन्हें बुरी तरह पीटा, जिससे शरीर पर कई जगह घाव और चोटों के निशान हैं।
घटना के बाद भगत और पार्किंग स्टाफ ने थाने पहुंचकर शिकायत दी है। अस्पताल परिसर जैसे संवेदनशील स्थान पर पार्किंग को लेकर हुए विवाद और मारपीट ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। मामले में पुलिस की कार्रवाई और शिकायत के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
