नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
कोटा के मेडिकल कॉलेज और उससे संबद्ध अस्पतालों में लंबे समय से चल रहे विकास कार्यों को अब गति देने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार को संभागीय आयुक्त पीयूष समारिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल, एमबीएस हॉस्पिटल और जे.के. लोन मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में लंबित कामों की समीक्षा की गई। संभागीय आयुक्त ने संबंधित एजेंसियों को काम में तेजी लाने और बाधाओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में खास तौर पर एमबीएस हॉस्पिटल परिसर में केडीए और पीडब्ल्यूडी के माध्यम से चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों को लेकर स्थिति जानी गई। संभागीय आयुक्त ने कहा कि जिन कामों में बजट की कमी आड़े आ रही है, उनके लिए चिकित्सा विभाग के मुख्यालय को तुरंत प्रस्ताव भेजा जाए। उन्होंने अस्पताल परिसर में मौजूद जर्जर और अनुपयोगी भवनों को गिराकर मलबा भी शीघ्र हटाने के निर्देश दिए।
मरीजों को जांच के लिए लंबी कतार से राहत देने की तैयारी भी बैठक में सामने आई। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. नीलेश जैन ने बताया कि न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के सुपर स्पेशलिटी क्रिटिकल केयर ब्लॉक में पीपीपी मोड पर सीटी स्कैन और थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा एमबीएस हॉस्पिटल में भी एमआरआई मशीन स्थापित करने के लिए निविदा प्रक्रिया जल्द पूरी करने की तैयारी है। अधिकारियों का दावा है कि इन मशीनों के शुरू होने से मरीजों को जांच के लिए कम इंतजार करना पड़ेगा और उन्हें बेहतर गुणवत्ता की जांच सुविधा अस्पताल में ही मिल सकेगी।
जे.के. लोन अस्पताल में नवजात शिशुओं के इलाज की सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। यहां इंस्टीट्यूट ऑफ नियोनेटोलॉजी की स्थापना के लिए स्थान तय कर आगे की कार्रवाई जल्द पूरी करने की जानकारी दी गई। इससे नवजात और गंभीर शिशुओं के उपचार के लिए विशेषज्ञ सुविधाओं को मजबूत करने की योजना है।
मेडिकल कॉलेज परिसर में कैंसर यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव भी बैठक में चर्चा में रहा। इसके लिए कंसल्टिंग फर्म की नियुक्ति कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर यूनिट के लिए जरूरी संसाधन, भवन और अन्य व्यवस्थाओं की योजना आगे बढ़ेगी।
संभागीय आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं रहें, बल्कि उनका सीधा लाभ मरीजों को दिखाई देना चाहिए। उन्होंने लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने, विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने और आवश्यकतानुसार बजट संबंधी प्रस्ताव तुरंत भेजने पर जोर दिया।
बैठक में एडीएम सीलिंग रवि वर्मा, एमबीएस हॉस्पिटल अधीक्षक, जे.के. लोन अस्पताल अधीक्षक तथा केडीए और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौजूद रहे।
