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मकान निर्माण के नाम पर 50 हजार रुपए मांगने का आरोप, निगम उपायुक्त ने नकारा

कैथून में कथित रिश्वत मांगने और अवैध अतिक्रमण को संरक्षण देने के आरोप, कांग्रेस पार्षदों ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन

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मकान निर्माण के नाम पर 50 हजार रुपए मांगने का आरोप, निगम उपायुक्त ने नकारा
मकान निर्माण के नाम पर 50 हजार रुपए मांगने का आरोप, निगम उपायुक्त ने नकारा
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नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा

कोटा। नगर निगम के उपायुक्त एवं कैथून क्षेत्र के प्रभारी महावीर सिसोदिया पर मकान निर्माण की एवज में 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। कैथून निवासी शादाब का आरोप है कि लॉकडाउन के दौरान रुका मकान निर्माण दोबारा शुरू करने पर उपायुक्त जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की धमकी देते हुए राशि की मांग की। हालांकि, उपायुक्त ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए मामले की जानकारी होने से इनकार किया है।

मामले को लेकर कांग्रेस पार्षदों और वार्ड-6 के ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर (एडीएम) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है।

अतिक्रमण और अवैध कॉलोनियों को लेकर भी सवाल

पूर्व चेयरमैन आईना महक ने आरोप लगाया कि कैथून क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर दोबारा अतिक्रमण हो रहे हैं और अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। उन्होंने इन गतिविधियों में उपायुक्त की कथित भूमिका की जांच कराने की मांग की। ज्ञापन देने पहुंचे लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वस्तुस्थिति सामने लाने की मांग उठाई।

उपायुक्त बोले- आरोप बेबुनियाद

उपायुक्त महावीर सिसोदिया ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, रिश्वत मांगने और अतिक्रमण को संरक्षण देने से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में मामले में निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्षों के तथ्यों के आधार पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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