कोटा। नगर निगम चुनाव में पुनर्मतदान के नतीजे आने के साथ ही सभी 100 वार्डों की तस्वीर साफ हो गई है। भाजपा ने 57 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। कांग्रेस को 39 सीटें मिली हैं, जबकि चार वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे। परिणाम घोषित होने के बाद अब राजनीतिक हलचल महापौर के चयन पर केंद्रित हो गई है।
ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण निगम के तीन वार्डों के संबंधित बूथों पर दोबारा मतदान कराया गया था। इनमें से दो वार्डों में भाजपा और एक में कांग्रेस ने जीत दर्ज की। वार्ड 11 से कांग्रेस की कमलेश कुमारी विजयी रहीं। वार्ड 44 से भाजपा के प्रेम सिंह गौड़ और वार्ड 87 से भाजपा की पुष्पा चौधरी ने जीत हासिल की।
बहुमत के आंकड़े से छह सीटें आगे भाजपा
100 वार्डों वाले कोटा नगर निगम में बहुमत के लिए 51 सीटों की जरूरत है। भाजपा ने इस आंकड़े से छह अधिक सीटें हासिल कर बोर्ड गठन की स्थिति मजबूत कर ली है। कांग्रेस 39 पार्षदों के साथ विपक्ष में रहेगी। चार निर्दलीय भी निर्वाचित होकर निगम पहुंचेंगे।
नतीजे घोषित होते ही विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया। भाजपा के निर्वाचित पार्षदों ने मतदाताओं का आभार जताया और अपने वार्डों में विकास कार्य कराने का वादा किया।
ओबीसी महिला होगी कोटा की महापौर
कोटा नगर निगम का महापौर पद अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद अब पार्टी की ओर से महापौर प्रत्याशी के चयन पर निगाहें टिकी हैं। दावेदारों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्षद चुनाव के बाद महापौर का चुनाव शहर की राजनीति का अगला अहम पड़ाव होगा।
सुकेत में भी अध्यक्ष पद को लेकर हलचल
सुकेत नगर पालिका में कांग्रेस की जीत के बाद अब पालिका अध्यक्ष के चुनाव को लेकर सरगर्मियां बढ़ गई हैं। पुनर्मतदान और परिणामों की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही दोनों निकायों में नेतृत्व के चयन पर राजनीतिक दलों का ध्यान केंद्रित हो गया है।
