कोटा। नगर निगम चुनाव में बहुमत हासिल करने के बाद अब भाजपा के सामने महापौर चुनने की कवायद है, लेकिन पार्टी ने प्रत्याशी के नाम को लेकर आखिरी समय तक गोपनीयता बरकरार रखी है। शुक्रवार से शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया का शनिवार को अंतिम दिन है और दोपहर 3 बजे तक तस्वीर स्पष्ट होने की संभावना है। महापौर चुनाव के लिए मतदान 25 सितंबर को होना है।
100 सदस्यीय कोटा नगर निगम में भाजपा ने 57 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 39 सीटें मिलीं। संख्या बल भाजपा के पक्ष में होने के बावजूद पार्टी के भीतर संभावित क्रॉस वोटिंग और असंतोष को लेकर एहतियात बरते जाने की चर्चा है। इसी क्रम में भाजपा के पार्षदों को एक साथ रखने की कवायद शुरू हुई।
पार्षदों को चित्तौड़गढ़ ले जाने की चर्चा
शुक्रवार रात भाजपा के कई पार्षदों को एक जगह इकट्ठा किए जाने के बाद बस से चित्तौड़गढ़ ले जाने की जानकारी सामने आई। राजनीतिक हलकों में इसे बाड़ेबंदी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि पार्टी की ओर से पार्षदों की बाड़ेबंदी किए जाने की बात से इनकार किया गया है।
इस बीच कुछ पार्षदों के इस पूरे कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की भी जानकारी सामने आई है। बताया गया कि उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला दिया। पार्षदों को एक साथ रखने की कवायद ने महापौर चुनाव से पहले भाजपा के भीतर चल रहे मंथन को और चर्चा में ला दिया है।
सीमा चौधरी का नाम चर्चा में सबसे ऊपर
महापौर पद के लिए भाजपा के भीतर कई महिला पार्षदों के नाम पर विचार हुआ है। इनमें वार्ड 83 की सीमा चौधरी और वार्ड 98 की अनुसुईया गोस्वामी प्रमुख नामों में शामिल हैं। इसके अलावा प्रतिभा सुमन, पुष्पा चौधरी, दीपिका शर्मा और अन्य नाम भी पार्टी के संभावित विकल्पों में बताए गए हैं।
सीमा चौधरी का नाम इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि उनका वार्ड लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। वहीं अनुसुईया गोस्वामी का नाम भी पिछले कुछ दिनों से लगातार राजनीतिक चर्चाओं में बना हुआ है। पार्टी ने अब तक अंतिम प्रत्याशी के नाम को सार्वजनिक नहीं किया था।
नौ महिला पार्षदों के नाम पर रणनीति
भाजपा की रणनीति को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार पार्टी ने संभावित ओबीसी महिला पार्षदों के कई नामों के नामांकन पत्र तैयार रखे हैं। रिपोर्टों में नौ महिला पार्षदों के नामांकन की संभावना जताई गई थी। बताया गया कि पार्टी अंतिम चरण तक सभी विकल्प खुले रखना चाहती थी और अधिकृत प्रत्याशी के नाम पर बाद में औपचारिक निर्णय लिया जा सकता है
इस रणनीति के पीछे पार्टी के भीतर संभावित बगावत या क्रॉस वोटिंग की आशंका को लेकर सावधानी बरतने की चर्चा है। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
कांग्रेस ने सुनीता सुमन को बनाया प्रत्याशी
इधर कांग्रेस ने महापौर पद के लिए वार्ड 17 से निर्वाचित सुनीता सुमन को अपना उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने शनिवार को नगर निगम पहुंचकर नामांकन दाखिल किया। इसके साथ ही कांग्रेस की ओर से महापौर चुनाव के लिए प्रत्याशी को लेकर स्थिति साफ हो गई।
अब सभी की नजर भाजपा के अंतिम निर्णय पर है। नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के साथ महापौर पद के दोनों प्रमुख उम्मीदवारों की तस्वीर सामने आ जाएगी। इसके बाद 25 सितंबर को होने वाले चुनाव से पहले पार्षदों की राजनीतिक सक्रियता और दोनों दलों की रणनीति पर निगाहें रहेंगी।
इस संस्करण में सूत्रों की बात को तथ्य की तरह नहीं, बल्कि “चर्चा”, “जानकारी” और “रिपोर्टों के अनुसार” के रूप में रखा गया है, जिससे राजनीतिक खबर की भाषा अधिक सुरक्षित और प्रकाशन योग्य रहती है।
