कोटा। नगर निगम में दुकानों की पुरानी रसीदें काटने की प्रक्रिया को लेकर व्यापारियों ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है। व्यापारियों का कहना है कि बोर्ड के फैसले के बाद जिन दुकानदारों के नाम हस्तांतरण किए गए थे, उनमें से कुछ की रसीदें काटी जा रही हैं, जबकि कई दुकानदारों की रसीदें अब तक नहीं काटी गई हैं। इससे व्यापारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
व्यापारियों के अनुसार वे पिछले एक तारीख से लगातार नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का संतोषजनक समाधान नहीं हो रहा। आरोप है कि जुड़ा मार्केट की कुछ दुकानों की रसीदें काट दी गईं, जबकि अन्य दुकानदारों को अलग-अलग कमरों में भेजकर प्रक्रिया पूरी कराने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
व्यापारियों ने सवाल उठाया कि यदि तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से रसीदें काटने में परेशानी है तो सभी दुकानदारों की रसीदें रोकने के बजाय कुछ दुकानों की रसीदें क्यों काटी जा रही हैं। व्यापार महासंघ के बाजार अध्यक्ष के नेतृत्व में व्यापारी अपनी मांग लेकर निगम अधिकारियों के पास पहुंचे और लंबित रसीदें जल्द काटने की मांग की।
व्यापारियों ने मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री से भी मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो मांग को लेकर आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।
नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
