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कोटा में जनसुनवाई सुस्त, संपर्क पोर्टल पर पेंडेंसी 200 पार; आयुक्त ने तय की 2-3 दिन की समय-सीमा

संपर्क पोर्टल पर लंबित शिकायतों की संख्या 200 पार पहुंचने पर निगम आयुक्त ने अधिकारियों को लगाई फटकार, सामान्य मामलों के लिए 2-3 दिन और तकनीकी प्रकरणों के लिए 4-5 दिन की समय-सीमा तय; शहर की सफाई व्यवस्था के लिए नए ऑटो टीपर और हूपर भी आएंगे।

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विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
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कोटा में जनसुनवाई सुस्त, संपर्क पोर्टल पर पेंडेंसी 200 पार; आयुक्त ने तय की 2-3 दिन की समय-सीमा
कोटा में जनसुनवाई सुस्त, संपर्क पोर्टल पर पेंडेंसी 200 पार; आयुक्त ने तय की 2-3 दिन की समय-सीमा
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कोटा। नगर निगम में आमजन की शिकायतों के निस्तारण की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। राजस्थान संपर्क पोर्टल पर लंबित शिकायतों की संख्या 200 के पार पहुंचने पर निगम आयुक्त ओपी मेहरा ने अधिकारियों की बैठक लेकर लंबित प्रकरणों की फाइल-दर-फाइल समीक्षा की। आयुक्त ने अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने के निर्देश दिए हैं। 

सामान्य शिकायतें 2 से 3 दिन में निपटाने के निर्देश

बैठक में आयुक्त ने सामान्य प्रकृति की शिकायतों का निस्तारण 2 से 3 दिन में करने के निर्देश दिए। वहीं तकनीकी और प्रक्रियागत मामलों को अधिकतम 4 से 5 दिन में निपटाने की हिदायत दी गई। जटिल मामलों में भी अनावश्यक देरी नहीं करने और संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ प्रकरणों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।

दो-तीन महीने में 100-120 से बढ़कर 200 पार पहुंची पेंडेंसी

बताया गया कि पिछले दो-तीन महीनों के दौरान संपर्क पोर्टल पर लंबित शिकायतों की संख्या सामान्यतः 100 से 120 के बीच रही थी। अब यह आंकड़ा 200 के पार पहुंच गया है। बढ़ती पेंडेंसी ने शिकायतों के शुरुआती स्तर पर निस्तारण और विभागीय मॉनिटरिंग को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

कचरा संग्रहण व्यवस्था के लिए आएंगे नए वाहन

जनशिकायतों के निस्तारण के साथ नगर निगम ने शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। बजट घोषणा के तहत घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नए ऑटो टीपर और हूपर खरीदे जाने की तैयारी है।

निगम ने शहर की जरूरत के अनुसार वाहनों की संख्या का आकलन कर विस्तृत मांग पत्र राज्य सरकार को भेज दिया है। सरकार से मंजूरी और आवश्यक दिशा-निर्देश मिलने के बाद नए वाहनों को अलग-अलग वार्डों में तैनात किया जाएगा।

जवाबदेही बढ़ाने की कवायद

संपर्क पोर्टल पर बढ़ती पेंडेंसी को प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारियों के लिए तय की गई समय-सीमा से शिकायतों के निस्तारण में तेजी और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, व्यवस्था की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि लंबित शिकायतों का समय पर समाधान होने के साथ उनकी दोबारा पेंडेंसी बढ़े और नए कचरा संग्रहण वाहनों की तैनाती जल्द जमीन पर दिखाई दे।

 

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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