कोटा, 2 नवंबर। शहर के नांता थाना क्षेत्र स्थित मोहनलाल सुखाड़िया आवासीय योजना के डी-ब्लॉक में रविवार शाम सीवरेज चैंबर में हुए विस्फोट से हड़कंप मच गया। घटना के बाद पुलिस और जांच एजेंसियां अलर्ट हो गईं। विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए मौके पर विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस ने पूछताछ के लिए कई लोगों को थाने बुलाया है।
घटना के बाद रेंज आईजी हरेन्द्र महावर और एसपी तेजस्विनी गौतम सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वॉड, एफएसएल, एसओजी और बम निरोधक दस्ते को भी बुलाया गया। जांच टीमों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने के लिए नमूने लिए। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। धमाके के दौरान चेंबर से आग की लपटें उठीं और जलता हुआ हिस्सा उछलकर पास रखी प्लास्टिक की पानी की टंकी पर जा गिरा। इससे टंकी क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई।
पुलिस ने पूछताछ के लिए कई लोगों को थाने लाकर पूछताछ की। दूसरी ओर, संबंधित लोगों के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि कुछ लोगों को लंबे समय तक थाने में रखा गया और उन्हें भोजन तक नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें हिरासत में लिए जाने का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। हालांकि, ये आरोप परिजनों की ओर से लगाए गए हैं।
प्रारंभिक जांच में पटाखे जैसी किसी वस्तु के गड्ढे में विस्फोट की आशंका जताई गई है। एसपी तेजस्विनी गौतम के अनुसार शुरुआती जांच में किसी हानिकारक विस्फोटक पदार्थ की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस विस्फोट के वास्तविक कारण और इसमें किसी की भूमिका होने की आशंका सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। एफएसएल की रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ से मिलने वाली जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
