कोटा। भारतीय सैलून एवं ब्यूटी उद्योग की एकता, संघर्ष और उपलब्धियों की स्मृति में मंगलवार को राष्ट्रीय सैलून दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कोटा में स्वच्छ एवं सुरक्षित सैलून अभियान, सम्मान समारोह, प्रतिभा सम्मान और नि:शुल्क हेयर-ब्यूटी जागरूकता शिविर सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कोविड काल के संघर्ष और एकजुटता की याद में मनाया जाता है सैलून दिवस
हेयर एंड ब्यूटी फेडरेशन इंडिया की सह सचिव डॉ. नीता पारेख ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान सैलून एवं ब्यूटी उद्योग को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 14 जून 2020 के नेशनल सैलून डे अभियान और 11 अगस्त 2020 को हुए सोशल मीडिया आंदोलन में देश के 150 से अधिक शहरों के सैलून एवं ब्यूटी प्रोफेशनल्स ने भाग लिया था।
उन्होंने बताया कि इस दौरान करीब 1.94 लाख ट्वीट्स के माध्यम से सैलून एवं ब्यूटी प्रोफेशनल्स ने अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। इसी उपलब्धि की स्मृति में हर वर्ष 11 अगस्त को राष्ट्रीय सैलून दिवस मनाने का निर्णय लिया गया।
स्वच्छता और आधुनिक तकनीकों के प्रति किया जागरूक
कोटा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सैलून एवं ब्यूटी क्षेत्र से जुड़े लोगों को स्वच्छता, सुरक्षा, कौशल विकास और बदलती तकनीकों के बारे में जागरूक किया गया। इसके साथ ही क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों का सम्मान भी किया गया।
डॉ. नीता पारेख ने कहा कि सैलून एवं ब्यूटी उद्योग केवल सेवा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बड़ी संख्या में लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार का माध्यम भी है। ऐसे में इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को बेहतर प्रशिक्षण, सम्मान, सुरक्षित कार्य वातावरण और आधुनिक तकनीक की जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है।
जरूरतमंद महिलाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण
कार्यक्रम के तहत जरूरतमंद एवं इस व्यवसाय से नए जुड़ने वाली महिलाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली प्रतिभागियों को उपहार स्वरूप फेशियल किट भी नि:शुल्क प्रदान किए गए।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ब्यूटी एवं हेयर उद्योग में हो रहे बदलावों, नई तकनीकों और रोजगार की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
रोजगार और कौशल विकास पर जोर
कार्यक्रम में सैलून एवं ब्यूटी उद्योग से जुड़े प्रोफेशनल्स के कौशल विकास और सुरक्षित कार्य वातावरण पर विशेष जोर दिया गया। आयोजकों ने कहा कि आधुनिक तकनीकों के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर इस क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं।
