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युवाओं को कैरियर की अंधी दौड़ और आतंकवादी प्रवृत्तियों से बचने की जरूरत

‘नया सवेरा’ कार्यक्रम में राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलगुरु बीपी सारस्वत ने कहा—शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी भी जरूरी

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युवाओं को कैरियर की अंधी दौड़ और आतंकवादी प्रवृत्तियों से बचने की जरूरत
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नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा

कोटा। सकल जैन समाज को सामाजिक जागरूकता, एकजुटता और सकारात्मक विचारों से जोड़ने के उद्देश्य से श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्री संघ रामपुरा, श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तथा श्री जैन रत्न युवक परिषद कोटा के संयुक्त तत्वावधान में ‘एक नया सवेरा’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। सत्यार्थ एलेन ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम में युवाओं, परिवार और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों पर संवाद हुआ।

मुख्य अतिथि राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने युवाओं से शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की शिक्षा पर लाखों रुपए खर्च करती है, इसलिए शिक्षा के बाद समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी होना चाहिए। सोशल मीडिया और रील्स की अंधी दौड़ से बचने तथा समय का सदुपयोग करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि युवा वर्ग को कैरियरिस्ट और टेररिस्ट दोनों प्रवृत्तियों से सावधान रहने की जरूरत है। कैरियर की दौड़ में परिवार और बुजुर्ग माता-पिता की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए और आतंकवाद जैसी विनाशकारी प्रवृत्तियों से भी दूर रहना चाहिए। आधुनिक तकनीक सुविधाएं दे सकती है, लेकिन मानवीय संवेदनाओं और संस्कारों का विकल्प नहीं बन सकती।

अंतरराष्ट्रीय मोटिवेशनल स्पीकर राजेंद्र जैन ‘राजू भाई’ ने परिवार में बढ़ती पीढ़ीगत दूरियों पर संवाद किया। उन्होंने कहा कि परिवार में मत अलग हो सकते हैं, विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन मन अलग नहीं होने चाहिए। वहीं सुनीता जैन ने मुस्कुराहट, रिश्तों, बहू-बेटियों और संयुक्त परिवार की बदलती तस्वीर पर सहज अंदाज में विचार रखे।

वक्ताओं ने जैन दर्शन के अनेकांत, क्षमा, मैत्री, संयम और अपरिग्रह के सिद्धांतों को जीवन से जोड़ते हुए कहा कि जैन दर्शन केवल मोक्ष का मार्ग नहीं, बल्कि बेहतर जीवन जीने की दृष्टि भी देता है। रिश्ते तर्क से नहीं, त्याग और अपनत्व से बचते हैं। कार्यक्रम में सवाई माधोपुर, हाउसिंग बोर्ड, कुशतला, बजरिया, देई, अलीगढ़ और रामपुरा सहित विभिन्न क्षेत्रों से युवा-युवतियां शामिल हुए।

स्वागत भाषण पंकज मेहता ने दिया। संचालन जोली भंडारी ने किया और धन्यवाद हनुमान प्रसाद जैन ने दिया। कार्यक्रम में निखलेश सेठी, नरेंद्र लोढ़ा, राजेश बगरेचा, अशोक जैन, बुद्धि प्रकाश पोरवाल, अदिल दक, गणेश जैन, भगवत सिंह हिंगड, रेखा हिंगड, पवन जैन, राकेश, इंदर, अंजली चौधरी, मंजू लुंकड, एमके जैन, राजीव जैन, सरदार मल कांकरिया, प्रगति राज मेहता, प्रणव मेहता, शांतिलाल मेहता और सुरेश दासोत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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