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कोर्ट बिल्डिंग को बजट मिला, अधिवक्ताओं के चैम्बर्स की मंजूरी बाकी

अभिभाषक परिषद ने मुख्यमंत्री और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजा ज्ञापन, अलग बजट आवंटित करने की मांग

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नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा

कोटा में प्रस्तावित नवीन न्यायालय भवन के निर्माण की तैयारी के बीच अधिवक्ताओं के चैम्बर्स की स्वीकृति और बजट का मुद्दा उठ गया है। अभिभाषक परिषद, कोटा ने न्यायालय भवन के साथ ही अधिवक्ताओं के चैम्बर्स का निर्माण करवाने की मांग की है। परिषद ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमराज गौड़ के माध्यम से राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तथा जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी करने की मांग की है।

परिषद अध्यक्ष भारत सिंह अडसेला ने बताया कि राज्य सरकार नवीन न्यायालय भवन के निर्माण के लिए स्वीकृति देने के साथ राशि जारी कर चुकी है और शीघ्र ही भूमि पूजन प्रस्तावित है। परिषद ने न्यायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार का आभार जताते हुए कहा कि पूर्व प्रस्तावित योजना और नक्शे में न्यायालय भवन के साथ अधिवक्ताओं के चैम्बर्स भी शामिल थे। अधिवक्ताओं को इस संबंध में आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन लोक निर्माण विभाग, कोटा के पत्र के अनुसार विभाग को फिलहाल न्यायालय भवन निर्माण की ही प्रशासनिक स्वीकृति और बजट मिला है। चैम्बर्स के लिए न तो स्वीकृति जारी हुई है और न ही बजट आवंटित किया गया है।

महासचिव शम्भू सोनी ने कहा कि अधिवक्ता न्यायिक व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं। उन्हें पक्षकारों से चर्चा करने, दस्तावेजों का अध्ययन करने, विधिक परामर्श देने और प्रकरणों की तैयारी के लिए व्यवस्थित स्थान की जरूरत होती है। वर्तमान में पर्याप्त जगह नहीं होने से अधिवक्ताओं और पक्षकारों को परेशानी होती है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि चैम्बर्स के बिना न्यायालय भवन बना दिया गया तो बाद में इनके निर्माण के लिए अलग भूमि, बजट और प्रशासनिक स्वीकृतियों की जरूरत पड़ेगी, जिससे काम में देरी हो सकती है।

परिषद ने मांग की है कि पूर्व प्रस्तावित नक्शे में चैम्बर्स की व्यवस्था बरकरार रखी जाए, इनके निर्माण के लिए तत्काल प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर पृथक बजट आवंटित किया जाए तथा न्यायालय भवन का निर्माण आगे बढ़ने से पहले सभी जरूरी स्वीकृतियां सुनिश्चित की जाएं। परिषद ने पूर्व आश्वासन के अनुरूप अधिवक्ताओं को व्यवस्थित चैम्बर्स उपलब्ध करवाने की मांग भी दोहराई।

ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल में उपाध्यक्ष कैलाश बामनिया, कोषाध्यक्ष ऋषिराज नागर, प्रतिभा सोनी, हर्षित गौत्तम, हेमंत मालव, अजय शर्मा, प्रमोद शर्मा, हरीश शर्मा, रामबाबू मालव और साहबलाल मीणा सहित अन्य अधिवक्ता शामिल रहे।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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