नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा
कोटा। नए न्यायालय भवन के शिलान्यास से पहले अधिवक्ता चैंबर के निर्माण का बजट शामिल नहीं होने का मुद्दा गरमा गया है। नवीन न्यायालय भवन के साथ अधिवक्ताओं के बैठने और कामकाज के लिए चैंबर बनाने की व्यवस्था नहीं होने से अभिभाषक परिषद में नाराजगी है। परिषद ने साफ किया है कि नए भवन में पर्याप्त चैंबर नहीं बनाए गए तो अधिवक्ताओं को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
अभिभाषक परिषद की साधारण सभा में नवीन न्यायालय भवन के साथ चैंबर निर्माण और वकीलों को मिलने वाली सुविधाओं पर चर्चा हुई। परिषद अध्यक्ष भरत सिंह अड़सेला ने कहा कि नए न्यायालय भवन में अधिक से अधिक अधिवक्ता चैंबर बनाए जाने चाहिए, ताकि वकीलों को कामकाज के लिए उचित जगह मिल सके। भवन निर्माण की योजना में अधिवक्ताओं की जरूरतों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
अलग-अलग अदालतों के बीच आवाजाही भी परेशानी
वर्तमान में नयापुरा क्षेत्र में मुख्य न्यायालय भवन के अलावा करीब 16 न्यायालय संचालित हो रहे हैं। अलग-अलग स्थानों पर अदालतें होने के कारण अधिवक्ताओं को एक न्यायालय से दूसरे न्यायालय तक आने-जाने में परेशानी होती है। ऐसे में नए न्यायालय भवन में चैंबर और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था को अधिवक्ता अपने कामकाज से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा मान रहे हैं।
लोकसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री तक पहुंचाई मांग
अभिभाषक परिषद ने अधिवक्ता चैंबर निर्माण की आवश्यकता से लोकसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया है। परिषद का कहना है कि नवीन न्यायालय भवन की योजना में चैंबर निर्माण को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए। अधिवक्ताओं की मांग है कि भवन के साथ ही उनके बैठने, फाइलों के रखरखाव और दैनिक न्यायिक कार्यों के लिए जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि चैंबर निर्माण की मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो अधिवक्ता आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। अब नए न्यायालय भवन के शिलान्यास से पहले यह मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है कि भवन निर्माण की योजना में अधिवक्ताओं की जरूरतों को किस तरह शामिल किया जाता है।
