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कोटा के नए अस्पताल में दो दिन में दो प्रसूताओं की मौत, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

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कोटा के नए अस्पताल में दो दिन में दो प्रसूताओं की मौत, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
कोटा के नए अस्पताल में दो दिन में दो प्रसूताओं की मौत, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
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कोटा। कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के दो मामले सामने आए हैं। दो दिन में दो प्रसूताओं की इलाज के दौरान मौत होने से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। शुक्रवार रात रेशमा और शनिवार को रोशन बैरवा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों की सिजेरियन डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। हालांकि, दोनों मौतों के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

ड्रिप में इंजेक्शन लगाने के बाद तबीयत बिगड़ने का आरोप

मृतक प्रसूताओं के परिजनों ने चिकित्सा स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि ड्रिप में इंजेक्शन लगाने के बाद प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी। इसके बाद उन्हें बचाने के प्रयास किए गए, लेकिन उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई।

अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं, अस्पताल प्रशासन ने परिजनों की ओर से लगाए गए लापरवाही के आरोपों को निराधार बताया है। प्रशासन के अनुसार, रोशन बैरवा को हाई रिस्क की स्थिति में अस्पताल में भर्ती किया गया था। ऐसे में उनकी मौत के कारणों का पता लगाने के लिए चिकित्सकीय तथ्यों और रिपोर्ट का परीक्षण जरूरी है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह

दो दिन में दो प्रसूताओं की मौत के बाद मामले को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल परिजनों के आरोप और अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आया है। दोनों मामलों में मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी। तब तक चिकित्सा लापरवाही को मौत का प्रमाणित कारण नहीं माना जा सकता।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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