नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा
कोटा की न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में रविवार को बड़ी पहल हुई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एकीकृत जिला न्यायालय परिसर और अधिवक्ता कक्ष के निर्माण के लिए भूमि पूजन कर आधारशिला रखी। करीब 290 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह परिसर कोटा के न्यायिक ढांचे में महत्वपूर्ण विस्तार करेगा। समारोह में राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल भी मौजूद रहे।
इस परियोजना का रास्ता आसान नहीं था। न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए सेना की स्वीकृति सहित विभिन्न स्तरों पर कई अड़चनें सामने आईं। जरूरी मंजूरियां नहीं मिलने के कारण परियोजना लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ पा रही थी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विशेष प्रयासों और विभिन्न स्तरों पर समन्वय के बाद सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त हुईं और अब यह परियोजना निर्माण के चरण तक पहुंच गई है।
नए एकीकृत परिसर में जिला न्यायालय से जुड़ी न्यायिक सुविधाओं के साथ अधिवक्ताओं के लिए कक्ष भी विकसित किए जाएंगे। इससे न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और अदालतों में आने वाले आमजन को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अलग-अलग स्थानों पर संचालित न्यायिक गतिविधियों को एकीकृत परिसर में व्यवस्थित करने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम होगा।
कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता सहित न्यायपालिका और प्रशासन से जुड़े अधिकारी तथा अधिवक्तागण मौजूद रहे। 290 करोड़ रुपए की यह परियोजना पूरी होने के बाद कोटा की न्यायिक व्यवस्था को नई आधारभूत संरचना मिलेगी। अब शहर की निगाहें निर्माण कार्य शुरू होने और तय समय में इसे पूरा करने पर रहेंगी।
