कोटा | डिजिटल डेस्क
कोटा शहर में बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। बोरखेड़ा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिका के यौन उत्पीड़न के मामले में वांछित आरोपी को रिपोर्ट दर्ज होने के महज 24 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस की इस तत्परता से पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय की उम्मीद जगी है।
डरा-धमकाकर संबंध बनाने का आरोप
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता के परिजनों ने बोरखेड़ा थाने में उपस्थित होकर आरोपी के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी ने नाबालिग बालिका को डरा-धमकाकर और दबाव बनाकर जबरन उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
एसपी के निर्देश पर गठित टीम को मिली सफलता
कोटा शहर पुलिस अधीक्षक (SP) तेजस्वनी गौतम (IPS) के सख्त निर्देशों के तहत बालिका सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट और मुखबिर तंत्र की मदद से संभावित ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 21 वर्षीय आरोपी विशाल नागर को महज 24 घंटे के भीतर दबोच लिया।
अदालत में पेशी के बाद भेजा न्यायिक हिरासत में
थाना पुलिस ने आरोपी विशाल नागर को हिरासत में लेकर पूछताछ की और अपराध की पुष्टि होने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को संबंधित न्यायालय में पेश किया, जहाँ से अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बालिकाओं व महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।