कोटा |
कोटा शहर के जवाहर नगर थाना क्षेत्र में शनिवार को एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक निर्माणाधीन मकान में बने खुले पानी के टैंक (हौद) में डूबने से ढाई साल के मासूम बालक अक्षु की दर्दनाक मौत हो गई। घर के आंगन में खेलते-खेलते मासूम अचानक मौत के जाल बने खुले टैंक में जा समाया। घटना की सूचना मिलते ही जवाहर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया।
घटना का संक्षिप्त विवरण (एक नज़र में)
| विवरण | तथ्य / जानकारी |
| घटनास्थल | निर्माणाधीनमकान, जवाहर नगरथाना क्षेत्र, कोटा |
| मृतकमासूम | अक्षु (उम्र: लगभग 2.5 वर्ष) |
| पिताका नाम | दिलखुश (निवासी: मंडोला गांव) |
| हादसेका कारण | निर्माणाधीनमकान में बिनाढक्कन का खुला पानीका टैंक |
| वर्तमानस्थिति | शव मोर्चरी मेंरखवाया गया, पुलिस द्वारा सुरक्षा मानकों वलापरवाही की जांच जारी |
खेलते-खेलतेअचानकओझलहुआमासूम, टैंकमेंउतरातामिलाशव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंडोला गांव निवासी दिलखुश मजदूरी के सिलसिले में करीब तीन दिन पहले ही अपने परिवार के साथ कोटा आया था। वह निर्माणाधीन मकान के पास स्थित एक कच्ची टपरी (झोपड़ी) को दुरुस्त करने के काम में जुटा हुआ था। इसी दौरान उसका ढाई वर्षीय बेटा अक्षु पास में ही खेल रहा था।
खेलते-खेलते बालक अचानक लापता हो गया। काफी देर तक जब मासूम की आवाज सुनाई नहीं दी और वह नजर नहीं आया, तो पिता दिलखुश व अन्य परिजनों ने घबराकर उसकी तलाश शुरू की। इधर-उधर ढूंढने के बाद जब परिजन पास ही बने खुले पानी के टैंक के पास पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई; मासूम पानी के भीतर बेसुध पड़ा हुआ था।
अस्पतालमेंडॉक्टरोंनेघोषितकियामृत
परिजन आनन-फानन में मासूम को पानी के टैंक से बाहर निकालकर तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि, अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद ही उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का मानना था कि पानी में दम घुटने के कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही बालक की सांसें थम चुकी थीं। बच्चे की मौत की खबर सुनते ही परिजनों की चीख-पुकार मच गई।
पिताकागंभीरआरोप: 'सुरक्षाकेकोईइंतजामनहींथे, खुलाछोड़रखाथाटैंक'
मृतक मासूम के पिता दिलखुश ने निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार/मकान मालिक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। पिता का कहना है कि निर्माणाधीन स्थल पर पानी का इतना गहरा टैंक खुला छोड़ना सीधे तौर पर जानलेवा लापरवाही है। टैंक पर न तो कोई ढक्कन लगाया गया था और न ही उसके चारों ओर कोई घेराबंदी या चेतावनी बोर्ड था।
पुलिसजांचमेंजुटी, सुरक्षामानकोंकीहोगीपड़ताल
सूचना मिलने पर जवाहर नगर थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव का पंचनामा तैयार किया और उसे पोस्टमार्टम की अग्रिम कार्रवाई के लिए मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित पिता के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस स्तर पर हुई, जिसके बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
