कोटा। आगामी निकाय चुनाव को लेकर कोटा में भाजपा और कांग्रेस के दावेदारों की सक्रियता बढ़ गई है। दोनों दलों में टिकट वितरण का पैनल अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन संभावित प्रत्याशियों ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी दावेदारी मजबूत करना शुरू कर दिया है। वार्ड स्तर पर दावेदारों के पोस्टर, बधाई संदेश और प्रचार सामग्री सोशल मीडिया पर दिखाई देने लगी है।
टिकट की घोषणा से पहले ही चुनावी माहौल बनने लगा है। भाजपा में आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के पहले ही दिन 150 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस में अब तक 500 से अधिक दावेदार आवेदन ले चुके हैं।
80 से ज्यादा वार्डों में जीत का भाजपा का दावा
भाजपा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने दावा किया कि कोटा नगर निगम के 100 वार्डों में से 80 से ज्यादा वार्डों में इस बार भाजपा का कमल खिलेगा। पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर निकाय चुनाव के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है।
राकेश जैन के अनुसार पार्टी ने वाट्सऐप के माध्यम से आवेदन पत्र जारी किया था। इसके बाद कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखने को मिला। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के पहले ही दिन जिला कार्यालय में 150 से अधिक दावेदारों के आवेदन प्राप्त हुए।
उन्होंने कहा कि पार्टी बूथ, शक्ति केंद्र, मंडल और जिला स्तर पर जनता के बीच सक्रिय रहने वाले तथा सुख-दुख में साथ खड़े रहने वाले समर्पित और समाजसेवी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देगी।
कांग्रेस में 500 से ज्यादा दावेदारों ने लिए आवेदन
कांग्रेस में भी टिकट के लिए दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पार्टी के अनुसार अब तक 500 से अधिक कार्यकर्ता आवेदन फॉर्म ले चुके हैं, जबकि करीब 380 आवेदन जमा किए जा चुके हैं।
कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने कहा कि पार्टी इस बार जीतने की क्षमता रखने वाले उम्मीदवारों को ही मैदान में उतारेगी। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में कांग्रेस का बोर्ड बनेगा।
टिकट से पहले सोशल मीडिया पर प्रचार शुरू
दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों में टिकट वितरण से पहले ही दावेदारों ने अपने-अपने वार्डों में प्रचार शुरू कर दिया है। कई दावेदारों ने सोशल मीडिया के लिए पोस्टर और प्रचार सामग्री तैयार कर ली है। समर्थकों के माध्यम से जन्मदिन की बधाई, सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी और वार्ड विकास से जुड़े संदेश लगातार साझा किए जा रहे हैं।
अब नजर इस बात पर है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भाजपा और कांग्रेस किस आधार पर अपने प्रत्याशियों का चयन करती हैं और कितने मौजूदा दावेदारों को टिकट मिलता है।
