प्रत्याशियों की किस्मत हुई ईवीएम में बंद
नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा
कोटा जिले में पंचायत चुनाव के पहले चरण में शाम छह बजे तक 64.90% (2,91,387 वोट) मतदान हुआ। चार पंचायत समितियों में कहीं मतदाताओं का उत्साह दिखा, तो कहीं नाराजगी मतदान के बहिष्कार के रूप में सामने आई। सांगोद में 101 साल की महिला व्हीलचेयर पर मतदान करने पहुंचीं, जबकि अन्य बुजुर्गों व बैसाखी के सहारे आए युवाओं ने भी वोट डाला।
दूसरी ओर, इटावा पंचायत समिति के चक टोडी गांव के मतदाताओं ने मतदान का बहिष्कार किया। सांगोद, सुल्तानपुर, इटावा और लाड़पुरा पंचायत समितियों के 84 वार्डों तथा जिला परिषद के 19 वार्डों के लिए मतदान हुआ। कुल 4,48,947 मतदाताओं में से 2,91,387 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चारों पंचायत समितियों में 538 केंद्र बनाए गए थे। जिला परिषद के 51 और पंचायत समिति के 219 प्रत्याशी मैदान में थे।
चक टोडी में बहिष्कार की सूचना पर अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन मतदाता नहीं माने। गांव की शिकायतों और मांगों पर स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है, क्योंकि बहिष्कार स्थानीय असंतोष का संकेत है।
वोटिंग के आंकड़ों में अलग-अलग संकेत
लाड़पुरा में सर्वाधिक 70.46% मतदान हुआ, हालांकि पिछले चुनाव के 71.24% से इसमें मामूली गिरावट आई। सांगोद में मतदान 66.61% से बढ़कर 67.45% पहुंचा। सुल्तानपुर में 60.04% से बढ़कर 63.43% मतदान दर्ज हुआ, जबकि इटावा में 57.15% वोट पड़े। पिछली बार इटावा में कांग्रेस को सीटें ज्यादा मिलने के बावजूद प्रधान भाजपा का बना था, जिससे साफ है कि मतदान प्रतिशत अकेले जीत का संकेत नहीं देता। जिला परिषद की 19 सीटों में बहुमत के लिए 10 सीटें जरूरी हैं। जिला प्रमुख का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। मतगणना 20 नवंबर को होगी।
आगे क्या : खैराबाद और चेचट में वोटिंग
हाड़ौती संभाग के आगामी चरणों में कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। दूसरे चरण में खैराबाद और चेचट जैसी पंचायत समितियों में मतदान होगा। दलों के भीतर बगावत, बागी उम्मीदवारों की सक्रियता और क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं के चलते राजनीतिक समीकरण बेहद दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
