नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा
कोटा। पंचायत चुनाव की मतगणना के दौरान कूकड़ा खुर्द ग्राम पंचायत में रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) सुरेश मीणा को हार्ट अटैक आ गया। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सुरेश मीणा कोटा थर्मल में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत थे और चुनाव ड्यूटी में रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
मोड़क थानाधिकारी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि शुक्रवार को कूकड़ा खुर्द ग्राम पंचायत में मतदान शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद देर रात मतगणना चल रही थी। इसी दौरान सुरेश मीणा को अचानक चक्कर आया और वे नीचे गिर गए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल सीपीआर दिया और एंबुलेंस का इंतजार किए बिना अपनी जीप से उन्हें मोड़क अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में मेडिकल टीम को पहले ही अलर्ट कर दिया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें झालावाड़ रेफर कर दिया।
एसआरजी अस्पताल में भी चिकित्सकीय टीम को सूचना देकर तैयार रखा गया था। रात करीब 9 बजे सुरेश मीणा को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें इलेक्ट्रिक शॉक देने के साथ सीपीआर भी दिया, लेकिन कुछ देर बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। देर रात शव कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल लाया गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जाएगी।
पहले से हृदय रोग की शिकायत नहीं थी
सुरेश मीणा मूल रूप से कनवास क्षेत्र के लोडाहेड़ा गांव के निवासी थे। उन्होंने बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक किया था। वर्तमान में वे कोटा में बोरखेड़ा थाने के पीछे समृद्धि नगर में परिवार के साथ रहते थे। उनके साले भूपेंद्र मीणा ने बताया कि सुरेश को पहले से हृदय रोग संबंधी कोई शिकायत नहीं थी। उनकी पत्नी अनीता मीणा गृहिणी हैं। दंपती के दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक की उम्र 10 साल और दूसरे की तीन साल है। वर्तमान में सुरेश मीणा की ड्यूटी कोटा थर्मल के टरबाइन सेक्शन में थी।
पुलिस ने तत्काल अस्पताल पहुंचाने के किए प्रयास
थानाधिकारी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना देरी किए सुरेश मीणा को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। एंबुलेंस का इंतजार करने में समय लग सकता था, इसलिए पुलिस जीप से पहले मोड़क और फिर झालावाड़ अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने भी उन्हें बचाने के लिए प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली।
मतगणना में व्यवधान, फिर जारी हुआ परिणाम
आरओ की अचानक तबीयत बिगड़ने और अस्पताल ले जाने के कारण कूकड़ा खुर्द ग्राम पंचायत में मतगणना कुछ समय के लिए प्रभावित हुई। इसके बाद रिजर्व आरओ और मतदान कार्य में लगाए गए अन्य कर्मचारियों ने मतगणना की जिम्मेदारी संभाली। देर रात परिणाम घोषित किया गया, जिसमें संदीप सिंह ने 195 वोटों से सरपंच पद पर जीत दर्ज की।
