कोटा। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत शुक्रवार को चिकित्सा संस्थानों में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान हाई रिस्क गर्भवतियों को चिन्हित कर उन्हें संभावित जटिलताओं के लक्षण, जरूरी सावधानियों और समय पर उपचार के बारे में बताया गया।
सीएमएचओ डॉ. नरेन्द्र नागर ने बताया कि अभियान में रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा, मूत्र और तापमान सहित आवश्यक जांचें निःशुल्क की गईं। गर्भस्थ शिशु की हृदय गति भी दर्ज की गई। गर्भवतियों को आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां दी गईं। कुछ महिलाओं को आयरन सुक्रोज दिया गया और एनीमिया से पीड़ित गर्भवतियों को एफसीएम के इंजेक्शन लगाए गए। निःशुल्क सोनोग्राफी के लिए माँ वाउचर कूपन भी वितरित किए गए।
महिलाओं को 104 व 108 एम्बुलेंस सेवाओं तथा प्रसव के बाद परिवार नियोजन के विकल्पों की जानकारी दी गई। नागर ने बताया कि गर्भवतियों की गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य जांच के लिए अभियान हर महीने की 9, 18 और 27 तारीख को आयोजित किया जाता है।
