नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा
रिश्ते की आड़ में 13 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में कोटा की पॉक्सो कोर्ट क्रम-1 ने उसके जीजा को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 35 हजार रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया। करीब तीन साल पुराने इस मामले में पीड़िता के गर्भवती होने के बाद घटना का खुलासा हुआ था। न्यायाधीश डॉ. रेणु श्रीवास्तव ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता की बड़ी बहन अपने पति के साथ कोटा में रहती थी। जुलाई 2023 के आसपास 13 वर्षीय नाबालिग अपनी बहन के घर रहने आई थी। आरोप था कि इसी दौरान उसके जीजा ने चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिला दिया और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने आरोपी पर कई बार इस अपराध को अंजाम देने का आरोप लगाया था। बताया गया कि उसके साथ चार से पांच बार दुष्कर्म किया गया।
घटना के बाद नाबालिग अपने घर लौट गई, लेकिन कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकीय जांच में उसके गर्भवती होने का पता चला। इसके बाद परिजनों ने उससे पूछताछ की तो उसने अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। मामला सामने आने पर परिजनों ने पुलिस से शिकायत की।
दिल्ली में दर्ज हुई थी जीरो एफआईआर
पीड़िता के परिजनों ने जुलाई 2023 में दिल्ली के एक थाने में जीरो एफआईआर दर्ज करवाई थी। बाद में क्षेत्राधिकार के अनुसार मामला कोटा स्थानांतरित कर दिया गया। कोटा पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ अदालत में आरोप पत्र पेश किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 19 गवाहों के बयान दर्ज करवाए और 45 दस्तावेज अदालत में पेश किए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर पॉक्सो कोर्ट क्रम-1 ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 35 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
