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घर से नाराज होकर निकली 15 वर्षीय बालिका को कोटा रेलवे स्टेशन पर मिला सुरक्षा का सहारा

‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत आरपीएफ ने बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लेकर चाइल्ड लाइन को सौंपा

संवाददाता
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घर से नाराज होकर निकली 15 वर्षीय बालिका को कोटा रेलवे स्टेशन पर मिला सुरक्षा का सहारा
घर से नाराज होकर निकली 15 वर्षीय बालिका को कोटा रेलवे स्टेशन पर मिला सुरक्षा का सहारा
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कोटा। घर से नाराज होकर बिना बताए निकली 15 वर्षीय बालिका को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने कोटा रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित संरक्षण में लिया। बालिका ट्रेन के सामान्य कोच में अकेले यात्रा कर रही थी। एक जागरूक यात्री की सूचना पर आरपीएफ ने तत्परता दिखाते हुए उसे चाइल्ड लाइन कोटा के सुपुर्द किया।

यात्री की सूचना पर सक्रिय हुई आरपीएफ

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09024 के सामान्य कोच में एक नाबालिग बालिका के अकेले यात्रा करने की सूचना यात्री सूरज गुर्जर निवासी धौलपुर ने चाइल्ड लाइन कोटा को दी थी।

सूचना मिलने के बाद ट्रेन के कोटा स्टेशन पहुंचते ही आरपीएफ टीम संबंधित कोच में पहुंची।

सहायक उपनिरीक्षक श्रीकृष्ण बघेल, महिला आरक्षक ममता और आरक्षक सोनवीर सिंह ने बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लिया। पूछताछ के दौरान बालिका ने बताया कि वह अपने परिजनों से नाराज होकर बिना बताए घर से निकल गई थी।

चाइल्ड लाइन के सुपुर्द की बालिका

आरपीएफ टीम बालिका को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट कोटा लेकर आई और चाइल्ड लाइन को सूचना दी। इसके बाद चाइल्ड लाइन कोटा की केस वर्कर जागृति आहूजा और सहायक रितेश महावर मौके पर पहुंचे।

आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बालिका को सुरक्षित रूप से चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया।

यह कार्रवाई रेलवे सुरक्षा बल के ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत की गई, जिसका उद्देश्य रेलवे परिसर और ट्रेनों में संकटग्रस्त बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षा एवं सहायता उपलब्ध कराना है।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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