कोटा। नगर निगम के तीन बूथों पर बुधवार को हो रहे पुनर्मतदान के दौरान वार्ड 87 और 44 के मतदान केंद्रों के बाहर हंगामा हो गया। भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई। हाथापाई की कोशिश के बीच पुलिस ने कार्यकर्ताओं को अलग कर मामला शांत कराने का प्रयास किया।
वार्ड 87 के बूथ संख्या 99 के बाहर जमा कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हुई। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता हथियार लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डरा रहे हैं और सत्ता हथियाने की कोशिश कर रहे हैं।
मौके पर पहुंचे कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने कांग्रेस पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हार से बौखलाई हुई है। शर्मा के मुताबिक, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले रास्ता जाम करने की कोशिश की, जिसका भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। हथियार लेकर डराने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फर्जी मतदान के आरोप पर बढ़ा विवाद
वार्ड 44 के बूथ संख्या 448 पर फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर दोनों दलों के कार्यकर्ता उलझ गए। नारेबाजी के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की कोशिश हुई। मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर मारपीट शुरू करने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर फर्जी मतदान के आरोप लगाए, हालांकि इनकी पुष्टि नहीं हुई है।
ईवीएम में खराबी के बाद दोबारा मतदान
14 सितंबर को मतगणना के दौरान तीन बूथों की ईवीएम में तकनीकी खराबी आने से संबंधित वार्डों के परिणाम घोषित नहीं हो सके थे। इसके बाद वार्ड 87 के बूथ 99, वार्ड 44 के बूथ 448 और वार्ड 11 के बूथ 576 पर पुनर्मतदान कराया जा रहा है। इनके परिणाम 17 सितंबर को घोषित किए जाएंगे। निगम के 100 में से 97 वार्डों के परिणाम पहले ही आ चुके हैं, जिनमें भाजपा बहुमत हासिल कर चुकी है।
