नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
कोटा में आधुनिक ऑर्थोपेडिक चिकित्सा के क्षेत्र में रोबोटिक तकनीक से घुटना प्रत्यारोपण की सुविधा का विस्तार हो रहा है। कोटा हार्ट इंस्टीट्यूट में अब तक 50 से अधिक रोबोटिक घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी की जा चुकी हैं। विश्व गठिया दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय निशुल्क परामर्श, बीएमडी और न्यूरोपैथी शिविर में 150 से अधिक मरीजों की जांच कर उन्हें चिकित्सा परामर्श दिया गया। शिविर में लॉयंस क्लब कोटा साउथ का भी सहयोग रहा।
कोटा हार्ट इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ जॉइंट रिप्लेसमेंट एवं ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. दुर्गा शंकर ढिल्लन ने बताया कि गठिया, विशेषकर घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण लोगों को दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी होती है। समय पर जांच, उचित उपचार, नियमित व्यायाम और जीवनशैली में बदलाव से राहत मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि जब बीमारी गंभीर हो जाती है और दवाओं, फिजियोथेरेपी सहित अन्य गैर-सर्जिकल उपचारों से पर्याप्त लाभ नहीं मिलता, तब घुटना प्रत्यारोपण एक विकल्प हो सकता है। रोबोटिक तकनीक सर्जन को ऑपरेशन की योजना बनाने, हड्डियों की कटाई और इम्प्लांट की स्थिति निर्धारित करने में अधिक सटीकता हासिल करने में मदद करती है। हालांकि, सर्जरी का निर्णय मरीज की स्थिति के आकलन के बाद ही लिया जाता है।
डॉ. ढिल्लन ने लोगों से अपील की कि घुटनों के दर्द को उम्र का सामान्य हिस्सा मानकर नजरअंदाज नहीं करें। समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लें, वजन नियंत्रित रखें और नियमित रूप से उपयुक्त व्यायाम करें। बिना चिकित्सकीय सलाह के लंबे समय तक दर्द निवारक दवाओं का सेवन करने से भी बचें।
