नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
कोटा ग्रामीण पुलिस ने खेतों में लगे बिजली के तार चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 33 केवी और 11 केवी विद्युत लाइनों के 1200 किलोग्राम से अधिक तार बरामद किए हैं। वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त की गई है। पुलिस का दावा है कि गिरोह से कोटा ग्रामीण जिले में तार चोरी की 77 वारदातों का खुलासा हुआ है, जबकि कोटा रेंज और बारां जिले के कई अन्य मामलों में भी आरोपियों की भूमिका सामने आई है। मामले में नौ आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि खेतों में कृषि कनेक्शन के लिए लगाए गए बिजली के खंभों से तार चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं। इससे किसानों को सिंचाई के लिए बिजली नहीं मिल पा रही थी और उनकी फसलों पर भी असर पड़ रहा था। कैथून, सीमलिया, देवली मांझी और दीगोद थाना क्षेत्रों के साथ बारां जिले में भी ऐसी वारदातें सामने आई थीं। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा तथा पुलिस उपाधीक्षक अरुण कुमार के सुपरविजन में विशेष टीमें गठित की गईं। चोरी निरोधक सेल ने करीब एक माह तक तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाकर जांच की।
पुलिस के अनुसार, टीम ने घटनास्थलों का निरीक्षण करने के साथ सीसीटीवी फुटेज, टोल रिकॉर्ड, अभय कमांड सेंटर के डेटा और संदिग्धों की गतिविधियों का विश्लेषण किया। मुखबिरों से मिली जानकारी और कबाड़ियों की गतिविधियों की पड़ताल के बाद स्थानीय बागरी-मोग्या गिरोहों की भूमिका सामने आई। जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य पहले खेतों और रास्तों की रेकी करते थे। इसके बाद रात में सुनसान स्थानों पर पहुंचकर बिजली की लाइनों से तार काटते और उन्हें वाहन के जरिए कबाड़ियों तक पहुंचाते थे। चोरी का माल नकद भुगतान लेकर बेचा जाता था।
पुलिस ने गिरोह के सदस्य पूरण बागरी, गोलू बागरी और सुल्तान बागरी को गिरफ्तार किया। इनके अलावा चोरी का माल खरीदने के आरोप में शफीक पुत्र ख्याजू, निवासी बॉम्बे योजना, सुभाषनगर, कोटा तथा मोहम्मद जाहिद पुत्र मोहम्मद हनीफ, निवासी कोटड़ी, कोटा को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ और बरामदगी के आधार पर अन्य वारदातों की जांच जारी है।
पुलिस ने फरार आरोपियों में हरीश निवासी तलावड़ा, सुमन उर्फ काबो, अमन और रघुवीर निवासी धतूरिया, जीतू उर्फ जितेंद्र निवासी भाण्डारोडा, सुल्तान उर्फ भूरिया निवासी भाण्डारोडा, महेंद्र और धनराज निवासी बम्बूलिया तथा नाथूलाल बागरी निवासी तलावड़ा के नाम बताए हैं। इसके अतिरिक्त चोरी का माल खरीदने वाले कुछ अन्य कबाड़ियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। शुरुआती जांच में जिला कोटा ग्रामीण की 77 वारदातों का खुलासा हुआ है। बारां जिले के अन्ता और बारां सदर थाना क्षेत्रों की घटनाओं में भी गिरोह की संलिप्तता की संभावना है। पुलिस का कहना है कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी के माल की बरामदगी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
कार्रवाई में चोरी निरोधक सेल के सहायक उपनिरीक्षक भूपेन्द्र हाड़ा, कांस्टेबल गौतम पंकज, हेमंत यादव, प्रकाश, सचिन और चालक कांस्टेबल अनिल की विशेष भूमिका रही। सीमलिया थाना टीम के थाना प्रभारी नन्द सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी भी कार्रवाई में शामिल रहे।
