कोटा। अनंत चतुर्दशी पर जब पूरा शहर गणपति विसर्जन में व्यस्त था, वहीं एक मरीज को एसडीपी की जरूरत थी। ऐसे समय में ब्लड बैंक टेक्निशियन रवीन्द्र मालव ने आगे आकर एसडीपी दान कर मानवता और सेवा की मिसाल पेश की।
टीम जीवनदाता के निदेशक, लायंस क्लब कोटा टेक्नो के निदेशक तथा टीम के संरक्षक एवं संयोजक भुवनेश गुप्ता ने बताया कि छबड़ा निवासी मरीज अनिल सहरिया की हार्ट सर्जरी के लिए तीसरी बार एसडीपी की आवश्यकता थी। मरीज के परिजन ओ पॉजिटिव एसडीपी की व्यवस्था के लिए ब्लड सेंटर पहुंचे और डोनर की तलाश शुरू की।
अनंत चतुर्दशी के जुलूस के चलते शहर में अधिकांश लोग गणपति विसर्जन में व्यस्त थे। कई लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समय पर डोनर नहीं मिल सका। इसी दौरान मरीज के पिता नंदलाल की चिंता और स्थिति को देखते हुए ब्लड बैंक टेक्निशियन रवीन्द्र मालव ने स्वयं एसडीपी डोनेट करने का निर्णय लिया।
रवीन्द्र मालव ने 27वीं बार एसडीपी डोनेट की। इससे पहले वे 15 बार सामान्य रक्तदान भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में मरीजों के लिए रक्त एवं एसडीपी की व्यवस्था में सहयोग करने के लिए वे हमेशा तैयार रहते हैं।
भुवनेश गुप्ता ने कहा कि रवीन्द्र मालव जैसे सेवाभावी लोगों के कारण जरूरतमंद मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी नहीं उठानी पड़ती तथा उपचार में भी समय पर मदद मिलती है। उन्होंने युवाओं से एसडीपी डोनेशन के लिए आगे आने का आह्वान किया।
