कोटा। कोटा की खूबसूरत सेवन वंडर रोड पर इन दिनों हरे-भरे पेड़ों की कटाई का मामला चर्चा में है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिन पेड़ों की घनी छांव में कभी सुबह-शाम लोग सुकून के पल बिताते थे, उनमें से कई पेड़ों को कटाई-छंटाई के नाम पर काफी हद तक काट दिया गया है। इससे सड़क का प्राकृतिक स्वरूप भी प्रभावित नजर आ रहा है।
सेवन वंडर रोड शहर के प्रमुख पर्यटन और घूमने-फिरने वाले क्षेत्रों में शामिल है। सड़क किनारे लगे पेड़ लंबे समय से राहगीरों और आसपास के लोगों को छांव प्रदान करते रहे हैं। गर्मी के दिनों में इन पेड़ों के नीचे सुबह-शाम बुजुर्गों समेत कई लोग टहलते और कुछ देर विश्राम करते थे। पेड़ों पर पक्षियों के घोंसले भी दिखाई देते थे और सुबह के समय पक्षियों की चहचहाहट वातावरण को खुशनुमा बनाती थी।
कटाई-छंटाई को लेकर लोगों में नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों की आवश्यक छंटाई समझ में आती है, लेकिन हरे-भरे और छायादार पेड़ों को इस तरह काट दिया जाना चिंता का विषय है। कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाओं को काटने के बाद केवल तना या डूंड ही दिखाई दे रहा है। इससे सड़क किनारे हरियाली और छांव दोनों कम होती नजर आ रही हैं।
लोगों का सवाल है कि जब सरकार और स्थानीय प्रशासन लगातार शहर में अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा हरियाली बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं, ऐसे में पहले से विकसित और बड़े हो चुके पेड़ों के संरक्षण पर भी उतना ही ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा।
पेड़ों के साथ पक्षियों का आशियाना भी प्रभावित
पेड़ों की कटाई का असर केवल हरियाली पर ही नहीं, बल्कि उन पर आश्रित पक्षियों पर भी पड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन पेड़ों पर पक्षियों के घोंसले थे और सुबह के समय यहां पक्षियों की चहचहाहट सुनाई देती थी। पेड़ों की शाखाएं काटे जाने से उनके प्राकृतिक आश्रय भी प्रभावित हुए हैं।
विकास के साथ हरियाली बचाने की जरूरत
शहर में सड़क, पर्यटन और अन्य विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इनके साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी पेड़ की छंटाई आवश्यक हो तो उसे वैज्ञानिक तरीके से किया जाए और स्वस्थ पेड़ों को अनावश्यक रूप से नुकसान न पहुंचाया जाए।
सेवन वंडर रोड पर पेड़ों की कटाई के बाद सामने आए दृश्य ने एक बार फिर शहर के विकास और हरियाली के बीच संतुलन बनाए रखने का सवाल खड़ा कर दिया है। लोगों की अपेक्षा है कि संबंधित विभाग पेड़ों की कटाई की आवश्यकता और प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक करे तथा सड़क की हरियाली को बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए।
