कोटा। शिक्षकों के रिक्त पद भरने के साथ विद्या संबल योजना की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और ऑनलाइन बनाने की मांग राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत के जिला स्तरीय सम्मेलन में उठी। छत्रपुरा में एरोड्रम के पास हाड़ौती आदिवासी मीणा सामाजिक सुधार संघ के बालक छात्रावास में शुक्रवार को दो दिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ।
अध्यक्षता कर रहे संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रनजीत मीणा ने शिक्षकों की 41 से अधिक मांगों का उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट तबादला नीति बनाने, सभी संवर्गों की डीपीसी समय पर करने और पीएल, जीपीएफ व एसआई से जुड़े भुगतान समय पर करने की मांग रखी। शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि संगठन दो अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन करेगा।
मुख्य अतिथि एवं सामाजिक सुधार संघ के संभागीय अध्यक्ष नरेंद्र मीणा ने बालिका शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने शिक्षकों से उच्च नैतिक आचरण बनाए रखने का आह्वान किया। कर्मचारी नेता रामरतन सामरिया ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों के लिए सभी महासंघों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
पूर्व सीबीईओ रामविलास रखवाला ने शिक्षा, शिक्षक, अभिभावक और राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विचार रखे। अन्य वक्ताओं ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के सुझाव दिए, जिन पर उपस्थित शिक्षकों ने सहमति जताई।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संचालन बारां जिलाध्यक्ष पवन कुमार ने किया।
सम्मेलन में गोपाल मीणा, मुकेश मित्तल, घनश्याम मीणा, उप प्रधानाचार्य मनोज कुमार मालव, भरत मीणा, सोनिया योगी, निरंजन मीणा, जरीना बानो, रविकांत मीणा और फरीदा बानो सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
