कोटा। कैथून थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुरा गांव स्थित SOD बार एवं रेस्टोरेंट में चाकूबाजी और तोड़फोड़ के मामले में कोटा ग्रामीण पुलिस ने एक और कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल दो विधि से संघर्षरत बालकों को निरुद्ध किया है। पुलिस के अनुसार, निरुद्ध किए गए दोनों बालक पूर्व में भी चाकूबाजी की घटनाओं में चालानशुदा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान एक बालक ने पुलिस हिरासत से बचकर भागने की कोशिश करते हुए जिला विशेष टीम (DST) के हेड कांस्टेबल रविकांत पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू के लगातार दो वार से हेड कांस्टेबल के दाएं और बाएं बाजू पर चोटें आईं।
पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बताया कि 16 सितंबर की रात SOD बार एवं रेस्टोरेंट में कर्मचारी पर चाकू से हमला किया गया था। इसके अगले दिन 17 सितंबर की सुबह आरोपी दोबारा रेस्टोरेंट पहुंचे और तलवार व डंडों से तोड़फोड़ की। घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश और वारदात के खुलासे के लिए विशेष टीमें गठित की गई थीं।
पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर को एमबीएस अस्पताल में उपचाराधीन फरियादी शिवराज पुत्र रामदयाल केवट निवासी मानवगांव, थाना कैथून ने पर्चा बयान में बताया कि 16 सितंबर की रात करीब 9 से 9:30 बजे दो ग्राहक रेस्टोरेंट में आए और बीयर ऑर्डर कर पीने लगे। कुछ समय बाद अन्य ग्राहक आने पर कर्मचारी शिवराज और सुमित मेघवाल ने उन्हें टेबल बदलने के लिए कहा। आरोप है कि इसी बात पर युवकों ने दोनों कर्मचारियों पर चाकुओं से हमला कर दिया। हमले में कर्मचारी नीचे गिर गए। इसके बाद आरोपियों ने रेस्टोरेंट के काउंटर सहित अन्य सामान में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया। फरियादी के अनुसार, 17 सितंबर की सुबह वही लोग कार से दोबारा रेस्टोरेंट पहुंचे और तलवार व डंडों से तोड़फोड़ की।
इस संबंध में कैथून थाने में प्रकरण संख्या 358/26 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोटा ग्रामीण रामकल्याण मीणा और वृताधिकारी कोटा ग्रामीण अरुण जैन के सुपरविजन में कैथून थाना पुलिस, जिला विशेष टीम (DST) और साइबर सेल की विशेष टीमें गठित की गईं। टीमों को आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और वारदात में इस्तेमाल सामान की बरामदगी के निर्देश दिए गए।
जांच के दौरान पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। वारदात में शामिल वाहनों और उनके आगे-पीछे चलने वाले वाहनों की पहचान की गई। कोटा ग्रामीण और कोटा शहर में पूर्व में लूट और चाकूबाजी के मामलों में चालानशुदा आरोपियों की जानकारी जुटाई गई। संदिग्धों की गतिविधियों पर निगरानी रखी गई और तकनीकी साक्ष्यों के साथ मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया गया।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सूचना मिली कि वारदात में शामिल आरोपी ब्लैक होंडा सिटी कार से नॉर्दर्न बायपास की तरफ देखे गए हैं और दोबारा वारदात करने की कोशिश में आ सकते हैं। सूचना के आधार पर कैथून थाना पुलिस, DST और साइबर टीम ने संयुक्त रूप से रामखेड़ली क्षेत्र में तलाश शुरू की। नॉर्दर्न बायपास पुलिया के पास पुलिस को मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिये की ब्लैक होंडा सिटी कार दिखाई दी। पुलिस टीम ने कार को घेरकर उसमें सवार विकास उर्फ विक्की पुत्र मुकेश नरवाल, उम्र 28 वर्ष, निवासी घोड़े वाले बाबा बस्ती, थाना जवाहर नगर, कोटा शहर और दीपक उर्फ दीपू कालिया पुत्र मुकेश, उम्र 19 वर्ष, निवासी सुंदर नगर, थाना रेलवे कॉलोनी, कोटा शहर को 20 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया था।
कार में सवार अन्य आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया गया। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान बबलू उर्फ गबरिया ने पुलिस हिरासत से बचने के लिए जवानों को धक्का दिया और नॉर्दर्न बायपास की पुलिया से नीचे कूद गया। ऊंचाई अधिक होने के कारण उसे चोटें आईं, जिसके बाद उसे उपचार के लिए MBS अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इसी कार्रवाई के दौरान एक अन्य विधि से संघर्षरत बालक भी पुलिस हिरासत से बचकर भागने लगा। DST के हेड कांस्टेबल रविकांत ने उसे रुकने के लिए कहा, पुलिस का परिचय दिया और समझाने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, बालक ने अपनी पैंट की जेब से बटनदार चाकू निकाल लिया और हेड कांस्टेबल रविकांत पर हमला कर दिया। बालक ने लगातार दो वार किए, जिससे हेड कांस्टेबल के दाएं और बाएं बाजू पर चोटें आईं।
पुलिस के अनुसार, हेड कांस्टेबल रविकांत ने बालक को काबू करने का प्रयास किया तो वह धक्का देकर पुलिया के पास ऊंची जगह से नीचे खेतों की तरफ कूद गया। ढलान वाली जगह पर गिरने से बालक के हाथ-पैर में चोटें आईं। उसे भी उपचार के लिए MBS अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद पुलिस ने उसे मामले में निरुद्ध कर लिया।
दूसरे विधि से संघर्षरत बालक को भी पुलिस टीम ने 22 सितंबर को निरुद्ध कर लिया।
हेड कांस्टेबल रविकांत पर हुए चाकू हमले के संबंध में उनकी ओर से कैथून थाने में शिकायत दी गई। पुलिस ने राजकार्य में बाधा और जानलेवा हमले की धाराओं में प्रकरण संख्या 360/26 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया है।
पुलिस के अनुसार, निरुद्ध किए गए एक विधि से संघर्षरत बालक का पूर्व में भी आपराधिक मामलों में रिकॉर्ड रहा है। वह थाना कुन्हाड़ी के प्रकरण संख्या 637/2023 में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले में बाल संप्रेषण गृह कोटा में रह चुका है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में फरियादी पर 17 बार चाकू से हमला किए जाने की घटना सामने आई थी। इसके अलावा थाना रामगंजमंडी के चेन स्नेचिंग प्रकरण संख्या 196/24 तथा थाना बोरखेड़ा क्षेत्र में डिलीवरी बॉय से लूट की घटना से जुड़े मामले में भी उसके संबंध में पुलिस कार्रवाई का उल्लेख किया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में कैथून थाना पुलिस, जिला विशेष टीम और साइबर टीम की भूमिका रही। कैथून थाना टीम में थानाधिकारी मनोज सिंह, सहायक उपनिरीक्षक हीरालाल, हेड कांस्टेबल विजय सिंह, कांस्टेबल धन सिंह, जितेंद्र और रोहिताश शामिल रहे। जिला विशेष टीम एवं साइबर टीम में DST प्रभारी सुरेंद्र राणा, हेड कांस्टेबल मोरमुकुट सिंह, हेड कांस्टेबल रविकांत, कांस्टेबल मुकेश, कांस्टेबल अनिल, सहायक उपनिरीक्षक भूपेंद्र सिंह, कांस्टेबल सचिन, प्रकाश एवं चालक धर्मेंद्र शामिल रहे।
पुलिस के अनुसार, विधि से संघर्षरत एक बालक को निरुद्ध करने में DST के हेड कांस्टेबल रविकांत की विशेष भूमिका रही।
