कोटा। शहर और आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में मगरमच्छों की बढ़ती आवाजाही ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सोगरिया गांव में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मकान के परिसर में खड़ी कार के नीचे करीब 8 फीट लंबा मगरमच्छ छिपा मिला। अचानक नजर आए मगरमच्छ को देखकर वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों ने सावधानी बरतते हुए इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को सुरक्षित करते हुए मगरमच्छ को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की। काफी मशक्कत के बाद टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाल लिया।
बताया गया कि पकड़े गए मगरमच्छ की लंबाई करीब 8 फीट थी और उसका वजन लगभग 50 किलो बताया गया। रेस्क्यू के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और बाद में चंबल नदी में छोड़ दिया गया।
रिहायशी इलाकों में लगातार पहुंच रहे मगरमच्छ
स्थानीय लोगों के अनुसार कोटा शहर के कई इलाकों में पिछले कुछ समय से मगरमच्छों की आवाजाही देखी जा रही है। बारिश के दौरान नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से निकलकर मगरमच्छ आबादी वाले इलाकों तक पहुंच रहे हैं। कई स्थानों पर इनके दिखाई देने के बाद वन विभाग की टीमों को रेस्क्यू के लिए बुलाया जा चुका है।
सोगरिया की घटना ने लोगों की चिंता इसलिए भी बढ़ा दी, क्योंकि मगरमच्छ किसी खुले जलस्रोत में नहीं बल्कि घर के अंदर खड़ी कार के नीचे छिपा हुआ था। इसके कारण आसपास रहने वाले लोगों में सुरक्षा को लेकर डर का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों और कॉलोनीवासियों का कहना है कि रिहायशी इलाकों के आसपास जलस्रोतों और नालों से मगरमच्छों के आने की घटनाएं बढ़ रही हैं। लोगों ने वन विभाग से ऐसे क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और मगरमच्छ दिखाई देने पर तत्काल रेस्क्यू की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
वन विभाग की टीम ने लोगों से अपील की है कि मगरमच्छ दिखाई देने पर उसके पास जाने या उसे पकड़ने की कोशिश नहीं करें। इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें, ताकि विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंचकर सुरक्षित रेस्क्यू कर सके।
