नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा
कोटा। जैन धर्म की धार्मिक परंपरा के तहत सुधा जी बांठिया धर्मपत्नी नरेंद्र जी बांठिया (पिंटू) ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को प्रातः 7:35 बजे संथारा प्रत्याख्यान ग्रहण किया। परम पूज्य आचार्य श्री 1008 रामलाल जी महाराज साहब एवं उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी महाराज साहब की आज्ञानुवर्ती शासन दीपिका मनीषा श्री जी म.सा. साहब ठाणा-4 के मुखारविंद से उन्होंने यह प्रत्याख्यान ग्रहण किया। कुछ समय बाद उनका देवलोक गमन हो गया। उनके निधन से जैन समाज में शोक की लहर है।
परिजनों के अनुसार, सुधा जी पिछले लगभग चार वर्षों से असाध्य कैंसर रोग से पीड़ित थीं। इस कठिन समय में परिवारजनों ने उनकी तन-मन से सेवा की। साथ ही उन्होंने धर्म आराधना जारी रखी और समय-समय पर विभिन्न प्रत्याख्यान ग्रहण किए।
धर्म और तपस्या के प्रति समर्पित थीं सुधा जी
सुधा जी धर्मपरायण एवं सुश्राविका थीं। उन्होंने अपने जीवन में अनेक प्रत्याख्यान और उपवास किए। बेला, तेला तथा आठ और नौ दिन की तपस्याओं सहित विभिन्न धार्मिक साधनाओं के माध्यम से उन्होंने धर्म के प्रति अपनी आस्था और समर्पण प्रकट किया। उनकी धार्मिक निष्ठा और तपस्या से परिवार एवं समाज गौरवान्वित रहा।
उनके देवलोक गमन को समाज ने अपूरणीय क्षति बताया है। परिजनों और समाजजनों ने उनके धर्ममय जीवन और साधना को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
