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कोटा में तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 99 हजार से अधिक मामलों की सुनवाई

सुबह 10 से शाम 5 बजे तक चलेगी प्रक्रिया, चेक अनादरण, बैंक वसूली, दुर्घटना दावा और पारिवारिक विवादों का होगा निस्तारण

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विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
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कोटा में तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 99 हजार से अधिक मामलों की सुनवाई
कोटा में तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 99 हजार से अधिक मामलों की सुनवाई
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कोटा। कोटा में शनिवार को तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। जिला मुख्यालय स्थित न्यायालयों, एडीआर सेंटर और जिले की तालुका अदालतों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मामलों की सुनवाई की जा रही है। लोक अदालत में 99 हजार से अधिक प्रकरण रखे गए हैं, जिनमें आपसी सहमति के आधार पर विवादों का निस्तारण करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

लोक अदालत में आपसी सहमति से निस्तारण के लिए करीब 29 हजार लंबित मामले तथा प्री-लिटिगेशन श्रेणी के लगभग 70 हजार प्रकरण शामिल किए गए हैं। प्री-लिटिगेशन मामलों में उन विवादों को शामिल किया जाता है, जो नियमित मुकदमे के रूप में अदालत में पहुंचने से पहले समाधान के लिए रखे जाते हैं।

चेक अनादरण से लेकर पारिवारिक विवादों तक की सुनवाई

राष्ट्रीय लोक अदालत में चेक अनादरण, बैंक वसूली, सड़क दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, बिजली-पानी से जुड़े मामलों और सिविल विवादों की सुनवाई की जा रही है। संबंधित मामलों में पक्षकारों के बीच आपसी सहमति से समाधान कराने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि विवादों का निस्तारण कम समय में हो सके।

कोटा में 16, तालुका अदालतों में 6 बैच गठित

लोक अदालत के सुचारु संचालन के लिए कोटा मुख्यालय पर 16 बैचों का गठन किया गया है। वहीं रामगंजमंडी, दीगोद, इटावा, कनवास और सांगोद की तालुका अदालतों में कुल 6 बैच बनाए गए हैं।

राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य पक्षकारों को आपसी सहमति से विवाद सुलझाने का अवसर देना और न्यायालयों में लंबित मामलों का निस्तारण करना है। इसके माध्यम से पक्षकारों को लंबे न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलने के साथ समय और खर्च की बचत का भी अवसर मिलता है।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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