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तिरंगा चौक के राजा के दरबार में खाटू श्याम जी का गुणगान

बर्बरीक से खाटू श्याम बनने की कथा का नाट्य मंचन, युवाओं को धार्मिकता से जोड़ने का संदेश

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तिरंगा चौक के राजा के दरबार में खाटू श्याम जी का गुणगान
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कोटा। पुरोहित नगर न्यू रेलवे कॉलोनी स्थित तिरंगा चौराहा इस बार गणेशोत्सव के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी केंद्र बना हुआ है। बालाजी नवयुवक मंडल, तिरंगा चौराहा की ओर से खाटू श्याम बाबा के कलयुग में अवतार लेने की कथा का नाट्य मंचन किया गया। मंडल के सदस्यों ने बर्बरीक के जीवन और उनके शीश दान की कथा को मंच पर जीवंत किया। नाट्य मंचन के दौरान श्रद्धालुओं ने खाटू श्याम बाबा के जयकारे लगाए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी प्रेम भाटिया ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम युवाओं को अपनी परंपराओं और धार्मिक कथाओं से जोड़ने का माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि महाभारत काल में भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक महान योद्धा थे। उनकी कथा त्याग और संकल्प का संदेश देती है।

तीन अमोघ बाणों से बदल सकते थे युद्ध का परिणाम

नाट्य मंचन में बताया गया कि बर्बरीक ने भगवान शिव की कठोर तपस्या कर तीन अमोघ बाण प्राप्त किए थे। इन बाणों के कारण वे अकेले ही युद्ध का परिणाम बदलने में सक्षम थे। कुरुक्षेत्र युद्ध से पहले बर्बरीक ने संकल्प लिया था कि वे युद्ध में जिस पक्ष को कमजोर देखेंगे, उसी की ओर से युद्ध करेंगे।

भगवान श्रीकृष्ण ने बर्बरीक के इस संकल्प को समझते हुए अनुमान लगाया कि यदि वे कमजोर पक्ष की ओर से युद्ध करेंगे तो युद्ध का संतुलन बार-बार बदलता रहेगा। इसके बाद श्रीकृष्ण ने ब्राह्मण का रूप धारण कर बर्बरीक से दान में उनका शीश मांग लिया। बर्बरीक ने बिना किसी संकोच के अपना शीश दान कर दिया।

कथा के अनुसार बर्बरीक के इस त्याग से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि **कलियुग में वे ‘श्याम’ नाम से पूजे जाएंगे** और सच्चे मन से उनकी भक्ति करने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। नाट्य मंचन के माध्यम से प्रस्तुत कथा ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया और कार्यक्रम के दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा।

विशाल गणेश प्रतिमा भी आकर्षण का केंद्र

गणेशोत्सव के दौरान तिरंगा चौराहा पर स्थापित विशाल गणेश प्रतिमा भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस बार गणपति महाराज के साथ स्थापित **विशाल मूषक** विशेष आकर्षण का केंद्र है। मंडल के प्रवक्ता अजय त्रिवेदी के निर्देशन में नाट्य मंचन संपन्न हुआ।

मंडल अध्यक्ष नागेंद्र राठौर ने बताया कि गणेशोत्सव के दौरान ग्रामीण अंचलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। मंडल सचिव सोहन सिंह ने बताया कि विशाल मूषक पर विराजमान गणपति महाराज का स्वरूप लोगों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है।

आयोजन में नितेश सुमन, गोलू, विनोद शेखावत, राजेंद्र खंगार सहित कई लोगोंका विशेष सहयोग रहा।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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