नागरिक अभिव्यक्ति. कोटा
कोटा तेजी से विस्तार कर रहा है और इसके साथ नागरिक सुविधाओं, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा यातायात प्रबंधन की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। हमारा लक्ष्य कोटा को देश के शीर्ष-10 स्वच्छ शहरों में शामिल करना है। स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान केंद्रीय टीम ने शहर में किए जा रहे कार्यों और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया है। कचरे का शत-प्रतिशत पृथक्कीकरण सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि ट्रेचिंग ग्राउंड तक केवल पृथक कचरा पहुंचे और वहां आगजनी की समस्या से राहत मिल सके। एमआरएफ और आरडीएफ प्लांट के माध्यम से पुराने लिगेसी वेस्ट का भी निस्तारण किया जा रहा है। स्वच्छ और व्यवस्थित शहर के लिए संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के तहत 51,900 अवैध विज्ञापन हटाए गए हैं। अतिक्रमण के विरुद्ध 215 स्थानों पर कार्रवाई की गई है। हेल्पलाइन पर प्राप्त 191 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। 165.91 लाख रुपए की लागत से 155 यूरिनल की मरम्मत कराई गई है। शहर में कचरा पॉइंट्स की संख्या 69 स्थानों तक कम की गई है। सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध 274 चालान जारी कर 2.64 लाख रुपए की वसूली की गई है। सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए एक लाख से अधिक कपड़े के थैले वितरित किए गए हैं। निराश्रित गोवंश की समस्या के समाधान के लिए 8,190 मामलों में कार्रवाई करते हुए 19.34 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया है। मेरा विश्वास है कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, बेहतर यातायात, तकनीक आधारित सेवाओं और जनभागीदारी के समन्वय से कोटा को एक अधिक स्वच्छ, सुरक्षित, सुगम और नागरिक-केंद्रित शहर के रूप में विकसित किया जा सकता है।
मानसून से निपटने को 19 बड़े और 145 छोटे नाले साफ, 2 कंट्रोल रुम बनाएं
मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए फरवरी माह से ही 19 बड़े और 145 छोटे नालों की सफाई शुरू कर दी गई थी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सब्जी मंडी और श्रीनाथपुरम फायर स्टेशन पर विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए जा रहे हैं, जहां रेस्क्यू टीमें 24 घंटे मुस्तैद रहेंगी।
हर माह 2 बार आयोजित जनसुनवाई में प्राप्त सुझावों और शिकायतों के आधार पर कार्यों की प्राथमिकताएं तय की जा रही हैं। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नागरिक सुविधाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है तथा रात्रिकालीन सफाई और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
इस मानसून में 1.50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। चंबल गार्डन, भीतरियाकुंड और विभिन्न मुक्तिधामों के जीर्णोद्धार के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और शहर के सौंदर्यीकरण को नई गति दी जा रही है।
नगर निगम में शामिल नए कैथून क्षेत्र में शीघ्र ही जोन कार्यालय शुरू होगा। आधुनिक गौशाला का निर्माण प्रस्तावित है।
जुलाई तक 100 वातानुकूलित ई-बसें सड़कों पर उतरेंगी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए। इससे वायु प्रदूषण घटेगा और महंगे ईंधन की बचत होगी। प्रत्येक सीट पर पैनिक बटन होगा और GPS के माध्यम से लाइव ट्रैकिंग होगी। ये बसें प्रतिदिन करीब 18,000 किलोमीटर का सफर तय करेंगी।
